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मुजफ्फरपुर में एकीकृत कृषि केंद्र की तैयारी, किसानों को मिलेगी ड्रोन तकनीक की ट्रेनिंग, आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

Published: Wed, 04 Nov 2026 11:58 PM (IST)

Bihar Farmer Modern Technology Training: मुजफ्फरपुर में किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए एक ...और पढ़ें

कृषि यांत्रिकीकरण प्रशिक्षण एवं मरम्मत केंद्र के साथ-साथ एक लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई भी स्थापित की जाएगी।

कृषि यांत्रिकीकरण प्रशिक्षण एवं मरम्मत केंद्र के साथ-साथ एक लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई भी स्थापित की जाएगी।

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर में एकीकृत कृषि केंद्र की स्थापना की तैयारी।

  2. किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और ड्रोन प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों की आय बढ़ेगी।

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Integrated Agriculture Center Muzaffarpur: जिले में कृषि यांत्रिकीकरण को एक नई दिशा देने के लिए प्रशासनिक पहल तेज कर दी गई है।

जिले के किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से सीधे जोड़ने के लिए एक एकीकृत कृषि केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।

इस प्रस्तावित केंद्र में कृषि यांत्रिकीकरण प्रशिक्षण एवं मरम्मत केंद्र के साथ-साथ एक लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई भी स्थापित की जाएगी।

मांगा विस्तृत प्रस्ताव

कृषि निदेशालय, बिहार, पटना के अपर निदेशक कृषि अभियंत्रण शशि शेखर मंडल ने जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय को पत्र भेजकर इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव मांगा है।

प्रस्तावित केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों और युवाओं को आधुनिक कृषि यंत्रों के संचालन, सही रखरखाव और मरम्मत का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।

इसके साथ ही कृषि कार्यों में आधुनिक ड्रोन तकनीक के उपयोग की पूरी जानकारी और प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर सुविधा

इस केंद्र के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही कृषि यंत्रों की मरम्मत की सीधी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे किसानों को अपने आधुनिक कृषि उपकरणों की खराबी दूर कराने के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

उप निदेशक कृषि अभियंत्रण अजीत कुमार ने बताया कि प्रस्तावित लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर उनका बाजार मूल्य बढ़ाने की योजना है।

बढ़ेगी किसानों की आय

उत्पादों की प्रोसेसिंग होने से स्थानीय किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि अपर निदेशक ने इस प्रस्ताव के संबंध में पूरी कार्ययोजना, प्रस्तावित स्थल, उपलब्ध संसाधन, अनुमानित व्यय और अपेक्षित विभागीय सहयोग सहित अन्य संबंधित अभिलेखों के साथ बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है।

जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय को यह सभी विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि इस प्रस्ताव पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तेजी से पूरी की जा सके।

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