बिहार में किसानों ने खोली पोल तो कृषि मंत्री का एक्शन, नकली खाद की सूचना देने वालों को मिलेगा सम्मान
मुजफ्फरपुर में किसानों ने कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के सामने नकली खाद, महंगी डीएपी, मिट्टी जांच में देरी और ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मत तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
नकली खाद फैक्ट्री, महंगी डीएपी, मिट्टी जांच में देरी की शिकायतें।
फसल बर्बादी पर मुआवजा नहीं, कृषि यंत्र अनुदान में अड़चनें।
कृषि मंत्री ने समाधान, कार्रवाई का आश्वासन, किसानों को उम्मीद।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर में तीन दिन पहले बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के सामने किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं तो खेती से जुड़ी कई गंभीर तस्वीरें सामने आईं। कहीं नकली खाद की फैक्ट्री चलने की शिकायत थी, तो कहीं किसानों को निर्धारित कीमत से अधिक पर डीएपी खरीदनी पड़ रही थी।
किसी किसान को पांच साल बाद भी मिट्टी जांच की रिपोर्ट नहीं मिली, तो कोई फसल बर्बाद होने के बाद मुआवजे के लिए इंतजार कर रहा था। कृषि यंत्रों पर अनुदान और जमीन की जमाबंदी से जुड़ी समस्याओं ने भी किसानों की परेशानी बढ़ा रखी है।
खेत बचाओ अभियान सह कृषि जन कल्याण संवाद में किसानों ने इन समस्याओं को सीधे कृषि मंत्री के सामने रखा। मंत्री ने कुछ मामलों में ऑनलाइन समाधान किया, जबकि अन्य शिकायतों पर अधिकारियों से जवाब मांगने और कार्रवाई का आश्वासन दिया। नकली खाद और कीटनाशी बनाने वालों की सूचना देने वाले किसानों को सम्मानित करने की घोषणा भी की।
महंगी डीएपी खरीदने को मजबूर किसान
मुरौल के सुमन कुमार झा ने बताया कि उनके क्षेत्र में डीएपी का एक बोरा 1800 रुपये में बेचा जा रहा है। शिकायत करने पर दुकानदार ऊपर से नीचे तक सेटिंग होने की बात कहता है। इस शिकायत पर कृषि मंत्री ने किसान से संबंधित दुकानदार का नाम गोपनीय रूप से उपलब्ध कराने को कहा।
सकरा में नकली खाद की फैक्ट्री चलने का मामला भी सामने आया। रोशन कुमार ने नकली खाद की बिक्री और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले गिरोह की जांच कराने की मांग की। मंत्री ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार से जवाब-तलब करने का निर्देश दिया।
नकली खाद की सूचना देने वालों को मिलेगा सम्मान
नकली उर्वरक और कीटनाशी बनाने तथा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कृषि मंत्री ने किसानों से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे कारोबार की सूचना देने वाले किसानों और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए, ताकि किसान अपनी शिकायत सीधे उन तक पहुंचा सकें। किसानों की मांग है कि नकली खाद के कारोबार पर रोक लगे और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो, जिससे खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें अधिक कीमत नहीं चुकानी पड़े।
पांच साल बाद भी नहीं मिली मिट्टी जांच की रिपोर्ट
घोसौत के सुनील कुमार झा ने मिट्टी जांच में देरी की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि पांच साल पहले 105 किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने लिए गए थे, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी नहीं मिलने से किसान खेतों में खाद के संतुलित इस्तेमाल को लेकर परेशान हैं।
इस पर कृषि मंत्री ने जिला कृषि पदाधिकारी को संबंधित किसानों की सूची तैयार करने और शिविर लगाकर मिट्टी के नमूने लेने का निर्देश दिया। किसानों की मांग है कि मिट्टी जांच की प्रक्रिया समय पर पूरी हो और रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेती की लागत कम करने में मदद मिले।
फसल बर्बाद, मुआवजे के लिए करना पड़ रहा इंतजार
गायघाट के राजेश कुमार ने बाढ़ से खरीफ की फसल बर्बाद होने का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि रबी की फसल के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। फसल नुकसान के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिलने में देरी हो रही है।
किसानों की मांग है कि फसल क्षति का आकलन कराकर मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि अगली फसल की तैयारी के लिए उन्हें आर्थिक मदद मिल सके।
जमाबंदी के बिना किसान पहचान पत्र में परेशानी
धनौर के परमानंद सिंह ने अपनी जमाबंदी का मामला लंबित रहने की शिकायत की। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि किसान पहचान पत्र बनेगा, लेकिन इसके लिए जमीन का ब्योरा होना जरूरी है।
जमीन के दस्तावेज और जमाबंदी से जुड़ी समस्याएं किसानों के लिए योजनाओं का लाभ लेने में बाधा बन रही हैं। किसानों की अपेक्षा है कि ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय हो।
कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए लगा रहे चक्कर
नेकनामपुर के चितरंजन प्रसाद ने बताया कि वह एक साल से कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। बोचहां के शंकर साह ने दो साल से उपकरण का परमिट नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने लॉटरी व्यवस्था में सुधार की मांग की।
किसानों का कहना है कि अनुदान मिलने में देरी से कृषि यंत्र खरीदने की योजना प्रभावित होती है। कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता देने की बात कही।
अनुदान और प्रशिक्षण में देरी से बढ़ी परेशानी
गोपाल शाही ने कृषि अनुदान समय पर नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। किसान अशोक शर्मा ने बताया कि खाद लाइसेंस के लिए राशि जमा करने के पांच महीने बाद भी उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिला है।
रोशन कुमार ने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण और नवीकरण व्यवस्था में गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की। किसानों की शिकायत है कि आवेदन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी काम समय पर नहीं होने से उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
लीची किसानों ने रखीं अपनी समस्याएं
लीची उत्पादक कृष्ण गोपाल ने मधुमक्खी पालकों को उत्तर प्रदेश से आने के दौरान गोपालगंज सीमा पर होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य जांच के नाम पर वसूली की शिकायत की और हवाई मार्ग से लीची की ढुलाई में सहयोग मांगा।
लीची उत्पादकों की मांग है कि मधुमक्खी पालकों की आवाजाही सुगम हो और लीची को बाजार तक पहुंचाने के लिए परिवहन की बेहतर व्यवस्था की जाए, ताकि उत्पादकों को लाभ मिल सके।
घोड़परास से राहत और कोल्ड स्टोरेज की दर का मुद्दा
मनिका के राजीव लोचन ने घोड़परास से निजात दिलाने के लिए अभियान चलाने की मांग की। कटरा के नंदकिशोर यादव ने शिकायत की कि उद्यान विभाग के अधिकारी दूरस्थ प्रखंडों में नहीं पहुंचते हैं।
किसानों ने कोल्ड स्टोरेज की बिजली दर घटने के बाद भी पुरानी दर से शुल्क वसूले जाने का मामला भी उठाया। कृषि मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्र में बागवानी करने वाले किसानों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए संबंधित प्रखंड के अधिकारियों को निगरानी करने को कहा जाएगा।
किसानों को अब कार्रवाई का इंतजार
कृषि मंत्री ने संवाद के दौरान कई शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और कुछ मामलों में योजना बनाकर समाधान का भरोसा दिलाया। किसानों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल इन निर्देशों को जमीन पर उतारने का है।
नकली खाद की बिक्री पर रोक, डीएपी की उचित कीमत, समय पर मिट्टी जांच, फसल क्षति मुआवजा और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी समस्याओं का समाधान किसानों के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण है। किसानों को उम्मीद है कि संवाद में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई होगी और उन्हें खेती से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी।
