मुजफ्फरपुर में DM-SSP का आदेश बेअसर, पहले चोरी-छिपे अब खुलेआम खुलीं पटाखे की दुकानें
मुजफ्फरपुर में डीएम-एसएसपी के आदेशों और एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद छाता बाजार मंडी में पटाखों की दुकानें खुलेआम चल ...और पढ़ें

डीएम की रोक के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए इस तरह से खुलेआम बिक रहे पटाखे। जिले में एक भी पटाखा दुकानदार को लाइसेंस नहीं होने के बाद भी इसकी बिक्री हो रही है। यह एनजीटी के आदेश का भी उल्लंघन है। जागरण
HighLights
डीएम-एसएसपी के आदेशों के बावजूद खुलीं पटाखों की दुकानें।
एनजीटी के प्रतिबंध और लाइसेंस न होने पर भी बिक्री जारी।
प्रशासन की छापेमारी और दल गठन का कोई असर नहीं।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। डीएम-एसएसपी के आदेश को ताक पर रख छाता बाजार मंडी की पटाखा की दुकानें खुल रही हैं। रविवार को भी मंडी की अधिकतर दुकानें खुली रहीं। नियम को दरकिनार कर धड़ल्ले से पटाखा की बिक्री की जाती रही।
दैनिक जागरण की टीम ने रविवार की शाम छाता बाजार मंडी की पड़ताल की तो पटाखा की कई दुकानें खुली मिलीं। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ भी थी।
इधर, नगर थानेदार जेपी सिंह ने बताया कि बिना लाइसेंस के पटाखा दुकान खोलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पिछले दिनों पटाखा के दो गोदाम सील मामले में मजिस्ट्रेट की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की भी कवायद की जा रही है।
बता दें कि पिछले दिनों नगर थाने की पुलिस ने छाता बाजार व गुदरी इलाके में छापेमारी कर पटाखा के दो गोदामों को पकड़ा था। इसमें करोड़ों रुपये का पटाखा होने की बात सामने आई थी।
मजिस्ट्रेट के द्वारा दोनों गोदामों को सील किया गया था। यही नहीं जिले में एक भी पटाखा दुकानदार के लाइसेंस का नवीकरण नहीं हुआ है। साथ ही कोई नया लाइसेंस भी जारी नहीं हुआ है। इसके बावजूद पटाखा की दुकानें खुल रही हैं।
दूसरी ओर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों के अनुसार मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र में पटाखे की बिक्री और भंडारण पर पूरी तरह रोक है।
प्रशासन के आदेश पर शहर के सभी नौ थाना क्षेत्रों में अवैध ढंग से पटाखा का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई के लिए नौ विशेष धावा दल का गठन भी किया गया था।
ये टीम कहीं दिख नहीं रही। जबकि डीएम के आदेश पर इन टीमों का गठन किया गया था। अगर टीम इलाके में सक्रिय रहती तो शायद दुकानें नहीं खुलती।
आदेश या छापेमारी की मंशा पर सवाल
एक ओर आदेश और दूसरी ओर छापेमारी। पटाखे की बिक्री नहीं होने देने के लिए दीपावली से पहले प्रशासन की ओर से ऐसा हमेशा किया जाता है। दूसरी ओर एक-दो छापेमारी के बाद इसमें ढील दे दी जाती है।
एसडीओ पूर्वी व एसडीपीओ नगर-वन ने भी पिछले दिनों पटाखा मंडी में छापेमारी की। सभी दुकानदारों को पटाखा हटाने का आदेश दिया। यह आदेश भी महज दिखावा ही साबित हुआ। अब इन आदेशों और छापेमारी की मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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