मुजफ्फरपुर में दुर्गा पूजा की नई गाइडलाइन, DJ पर रोक, CCTV जरूरी, स्कार्ट पार्टी की निगरानी
Durga Puja Muzaffarpur : मुजफ्फरपुर में दुर्गा पूजा को लेकर जिला शांति समिति की बैठक में नई गाइडलाइन जारी की ...और पढ़ें

दुर्गा पूजा को लेकर समाहरणालय सभागार में जिला शांति समिति की बैठक जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक व अन्य।
HighLights
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, विसर्जन जुलूस एस्कॉर्ट में।
पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
बिना अनुमति कोई मेला या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। दुर्गा पूजा को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला शांति समिति की बैठक जिलाधिकारी कुमार गौरव व वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई।
सभी आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर उनके सुझावों से अवगत हुए। साथ ही उन्हें सरकार के आदेश, जन सुरक्षा के मापदंडों, यातायात प्रबंधन सहित जिला प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी गई।
कहा गया कि दुर्गा पूजा में डीजे पर प्रतिबंध रहेगा और विसर्जन जुलूस स्कार्ट पार्टी की निगरानी में निकलेंगे। जुलूस का मार्ग परंपरागत रहेगा। इसे बदला नहीं जाएगा।
इंटरनेट मीडिया मानिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखें। अफवाहों का त्वरित खंडन करने को कहा गया। आयोजन व पंडाल की अनुज्ञप्ति में ही यह शर्त होगी कि आयोजक पूजा पंडालों में चिह्नित स्थानों पर सीसी कैमरा लगाएंगे ताकि भीड़ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके।
अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा सभी थानाध्यक्ष पंडालों का भ्रमण करेंगे। क्यूआरटी नियमित गश्त करेगी।
बिना अनुमति नहीं होगा कार्यक्रम
- त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार का मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण वध, जुलूस, विसर्जन जुलूस आदि कार्यक्रमों का आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा।
- पूजा आयोजन के लिए शत-प्रतिशत अनुज्ञप्ति निर्गत कराना/नवीकरण कराना अनिवार्य है। पंडाल व जुलूस दोनों के लिए लाइसेंस अनिवार्य हैं।
- आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार पूजा पंडालों का निर्माण व संचालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।
- आयोजकों द्वारा अग्निशमन की ठोस व्यवस्था अनिवार्य है।
- भीड़ प्रबंधन को लेकर लाउडस्पीकर की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए।
- आपत्तिजनक स्लोगन, कार्टून व आतिशबाजी पर रोक है।
जिला प्रशासन द्वारा जनहित में जारी एडवाइजरी
- मेले के लिए घर से निकलते समय बच्चों की जेब में नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखकर अवश्य रखें। मेले में बच्चों का हाथ कभी न छोड़ें। उन्हें इधर-उधर न जाने दें। महिलाओं व बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
- किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर ध्यान दें। शांति बनाए रखें।
- मेले में पटाखे व ज्वलनशील पदार्थ साथ न ले जाएं। धूमपान व किसी भी नशे का सेवन न करें। मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैलाएं।
- मेले में सड़क पर धीरे-धीरे जाएं, कतारबद्ध होकर जाएं, जल्दबाजी बिल्कुल न करें।
- इमरजेंसी मार्ग को कभी अवरुद्ध न करें।
- सुरक्षा मानकों का अनुपालन करें। स्वयं भी सुरक्षित रहें और अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखें।
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