मुजफ्फरपुर में कुरियर के नाम पर मोबाइल किया फॉरवर्ड, इंडोनेशिया से अफगानिस्तान तक आने लगे दर्जनों OTP
मुजफ्फरपुर में एक युवक कुरियर के नाम पर ठगी का शिकार हुआ, जहां जालसाजों ने उसके मोबाइल की कॉल और ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
कुरियर के नाम पर युवक के मोबाइल की फॉरवर्डिंग सक्रिय की गई।
जालसाजों ने USSD कोड का उपयोग कर कॉल फॉरवर्डिंग की।
विदेश से आए OTP से मोबाइल नंबर के दुरुपयोग की आशंका।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। कुरियर का पार्सल आने का इंतजार कर रहे मिठनपुरा के एक युवक के मोबाइल में अचानक विदेश की ई-कामर्स कंपनियों के OTP आने लगे।
इंडोनेशिया, बैंकाक और अफगानिस्तान से जुड़े कई OTP देखकर युवक के होश उड़ गए। पड़ताल की तो पता चला कि जिस नंबर से कुरियर की जानकारी देने के नाम पर एक कोड डायल कराया गया था, उसी के जरिए मोबाइल की काल और मैसेज फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी गई थी। करीब चार घंटे तक युवक का मोबाइल नंबर जालसाजों के नियंत्रण में रहा।
बेतिया से पार्सल का दिया झांसा
बुधवार सुबह युवक के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से काल आई। काल करने वाले ने खुद को कुरियर कंपनी के हेड आफिस से जुड़ा बताया। उसने कहा कि बेतिया से युवक के नाम पर पार्सल आया है। इसके बाद कथित डिलीवरी ब्वाय का नंबर देकर उससे संपर्क करने को कहा गया।
एक कोड डायल कराया और फंसा जाल
डिलीवरी ब्वाय ने वेरिफिकेशन के नाम पर युवक को झांसे में लिया। उसने 21# कोड लगाकर भेजा और पहचान की पुष्टि के लिए उसे तुरंत डायल करने को कहा। युवक ने जैसे ही कोड डायल किया, उसके मोबाइल की इनकमिंग काल और मैसेज दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे।
चार घंटे तक करता रहा कुरियर का इंतजार
कोड डायल कराने के बाद जालसाज ने युवक से कहा कि वह पार्सल लेकर रास्ते में है। तब तक मोबाइल का लोकेशन आन रखने को कहा। युवक करीब चार घंटे तक डिलीवरी का इंतजार करता रहा, लेकिन न कोई पार्सल पहुंचा और न ही दोबारा काल आई। इसके बाद उसे ठगी का संदेह हुआ।
विदेश से आने लगे OTP
युवक ने मोबाइल की सेटिंग और मैसेज की जांच की तो काल फॉरवर्डिंग सक्रिय मिली। इसी दौरान वाट्सएप पर विदेश की ई-कामर्स साइट्स से जुड़े कई OTP भी दिखाई दिए। इससे आशंका हुई कि जालसाजों ने चार घंटे के दौरान उसके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किसी अवैध लेनदेन या अकाउंट वेरिफिकेशन में करने की कोशिश की।
साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत
मामले की जानकारी मिलने के बाद युवक ने साइबर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। यूएसएसडी तकनीक के माध्यम से मोबाइल नेटवर्क की कई सेवाओं को बिना इंटरनेट के सक्रिय किया जा सकता है। इसी तकनीक का दुरुपयोग कर जालसाजों ने मोबाइल की काल फॉरवर्डिंग सक्रिय की।
