Bihar Bhumi: जाली भूमि दस्तावेजों पर सरकार सख्त, एफआईआर नहीं कराई तो नपेंगे अंचलाधिकारी
सरकार ने जाली भूमि दस्तावेजों पर सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज न करने ...और पढ़ें

HighLights
जाली भूमि दस्तावेजों पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती।
प्राथमिकी न करने पर अंचलाधिकारी होंगे जिम्मेदार।
सरकारी भूमि पर सीधे अंचलाधिकारी दर्ज करेंगे FIR।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जाली दस्तावेज के आधार पर जमीन संबंधी कार्य कराने के मामलों में सरकार ने कई स्तर पर सख्ती कर दी है। इस तरह के दस्तावेज प्रस्तुत करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, अब यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इस तरह के दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले बच नहीं सकें।
अगर उनपर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है तो संबंधित अंचल के अंचलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने निर्देश जारी किया है।
सचिव ने निर्देश दिया है कि छह तरह की धाराओं में उक्त मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराए जाएं। सरकारी भूमि के मामले में अगर जाली दस्तावेज पाए जाते हैं तो अंचलाधिकारी के स्तर से सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
वहीं, दो पक्षों के बीच रैयती या निजी भूमि पर विवाद होने की स्थिति में जांच के बाद अंचलाधिकारी या राजस्व अधिकारी की अनुशंसा पर परिवादी या शिकायत कर्ता प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने पर मामले को घोर लापरवाही और कदाचार माना जाएगा। इसके लिए अंचलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
सचिव ने जाली दस्तावेज वाले मामले में कोई भी आदेश जारी करने पर रोक लगाने को कहा है। वहीं पूर्व में अगर इस तरह के दस्तावेज पर आदेश जारी कर दिए गए हैं तो उसकी समीक्षा कर कार्रवाई करने को कहा है।
