जीविका दीदियों का लखपति बनने की ओर मजबूत कदम, ई रिक्शा चलाकर खुद संभालेंगी परिवार की कमान
Jeevika Didi E Rickshaw Distribution: मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियों को स्वरोजगार के लिए ई-रिक्शा सौंपे गए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन ...और पढ़ें
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समाहरणालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान बोचहां प्रखंड की 15 दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई।
HighLights
मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियों को स्वरोजगार हेतु 15 ई-रिक्शा मिले।
यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास।
प्रशिक्षण के बाद दीदियां ई-रिक्शा चलाकर नियमित आय अर्जित करेंगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Self Employment Jeevika Didi: जिले में जीविका दीदियों को स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है।
समाहरणालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान बोचहां प्रखंड की 15 दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा की मौजूदगी में यह पहल पूरी की गई।
स्वरोजगार के नए अवसर
सस्टेन प्लस और आगा खान ग्राम समर्थन के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का मुख्य मकसद महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ना है।
कुल 15 ई-रिक्शा में से 10 यात्री परिवहन और 5 माल ढुलाई के काम में इस्तेमाल किए जाएंगे। बोचहां के पांच अलग-अलग संकुल स्तरीय संघों से इन मेहनती दीदियों का चयन किया गया है।
संस्थाओं का साझा प्रयास
इस दूरगामी पहल में सस्टेन प्लस ने वित्तीय सहयोग दिया है, जबकि जीविका और गेट्स फाउंडेशन की भी अहम भूमिका रही है।
आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम ने सभी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर इसे धरातल पर उतारा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ये महिलाएं अब समाज में नई मिसाल पेश करेंगी।
संचालन के लिए प्रशिक्षण
ई-रिक्शा पाने वाली कुछ दीदियां पहले से ही इसे चलाने में कुशल हैं। वहीं अन्य दीदियों को बेहतर संचालन और सुरक्षा का आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं रोजाना नियमित आय अर्जित कर अपने परिवार का आर्थिक आधार मजबूत कर सकेंगी और आत्मनिर्भरता का नया सफर तय करेंगी।
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