रेलवे कर्मचारियों के काम होंगे फटाफट, आवेदनों के निपटारे के लिए डेडलाइन तय; अब कितने दिनों में होगा समाधान?
रेलवे ने कर्मचारियों की शिकायत व आवेदनों के निपटारे के लिए अब समय सीमा तय की है, जिससे उनकी परेशानियों को कम किया जा सके।

रेलवे कर्मचारी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। रेलवे में कर्मचारियों की शिकायत और आवेदनों के निपटारे के लिए अब समय सीमा तय की गई है। कर्मचारियों की परेशानी कम करने के लिए कर्मचारी चार्टर के तहत अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित अवधि तय की गई है।
सिंगल विंडो सेल, सीपी-ग्राम्स व निवारण जैसे पोर्टल पर मिलने वाली कर्मचारियों की शिकायतों का निपटारा 30 कार्य दिवस में करना होगा। री-फिक्सेशन, वरिष्ठता, एमएसीपी, बकाया व पदोन्नति से जुड़े मामले भी इसके दायरे में होंगे।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार डीआरएम से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए कर्मचारी को उसी दिन अवसर देने का प्रविधान किया है।
डीआरएम के उपलब्ध नहीं होने पर एडीआरएम कर्मचारी से मुलाकात करेंगे। अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के लिए भी समय सीमा निर्धारित की है।
मंडल स्तर पर स्वीकृत मामलों का निपटारा 90 दिनों में करना होगा। वहीं, मुख्यालय की मंजूरी वाले मामलों में मंडल को 60 दिन व मुख्यालय को 30 दिन का समय दिया गया है।
स्थानांतरण NOC का 15 दिन में निपटारा
कर्मचारी के स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण व पारस्परिक स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) संबंधी आवेदन का निपटारा 15 कार्य दिवस में करना होगा।
आवेदन को आगे बढ़ाने या खारिज करने, दोनों स्थितियों में निर्धारित समय सीमा का पालन करना होगा। चयन व उपयुक्तता के आधार पर होने वाली पदोन्नति पिछले पैनल के जारी होने के एक वर्ष के भीतर करनी होगी।
रेलवे भर्ती बोर्ड व रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ से चयनित अभ्यर्थियों को पैनल सत्यापन के बाद 30 कार्य दिवस में नियुक्ति पत्र भेजा जाएगा।
विभिन्न अग्रिम व ऋण की प्रशासनिक स्वीकृति सात कार्य दिवस में देने तथा स्वीकृत राशि का भुगतान अगले वेतन बिलिंग चक्र में वेतन के साथ करने का प्रविधान है।
रेलवे के अनुसार, कर्मचारियों की शिकायत व आवेदनों का समय पर निपटारा करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
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