BRABU के नए पीजी पाठ्यक्रम में शोध प्रकाशन पर मिलेंगे 100 अंक और दो क्रेडिट, व्यवस्था अगले साल से
Bra Bihar University: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के नए पीजी पाठ्यक्रम में शोध प्रकाशन को अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए छात्रों को 100 अंक और दो क्रेडिट मिलेंगे।

विश्वविद्यालय के सभी 46 पीजी विषयों में इस नई व्यवस्था को अगले वर्ष से लागू किया जाना है।
HighLights
शोध प्रकाशन पर 100 अंक और दो क्रेडिट मिलेंगे।
यह व्यवस्था अगले वर्ष से सभी 46 पीजी विषयों में लागू।
नए पीजी कोर्स में नामांकन प्रक्रिया में देरी संभव।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में पीजी के नए पाठ्यक्रम के तहत अब शोध प्रकाशन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके तहत विद्यार्थियों को शोध प्रकाशन पर 100 अंकों के साथ-साथ दो क्रेडिट भी प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के सभी 46 पीजी विषयों में इस नई व्यवस्था को अगले वर्ष से लागू किया जाना है।
नए नियमों के मुताबिक, दो वर्षीय पीजी और एक वर्षीय पीजी दोनों पाठ्यक्रमों में शोध को अनिवार्य किया गया है। दो वर्षीय पीजी में जहां चौथे सेमेस्टर में शोध प्रकाशित करना होगा, वहीं एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम में यह प्रक्रिया सेकंड सेमेस्टर में पूरी करनी होगी।
क्रेडिट और अंकों का पूरा गणित
दो वर्षीय पीजी कोर्स के चौथे सेमेस्टर के 'शोध समूह' के अंतर्गत कुल 22 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। इसमें थीसिस के लिए 14 क्रेडिट और 300 अंक, सेमिनार के लिए 4 क्रेडिट और 100 अंक, वायवा (मौखिक परीक्षा) के लिए 2 क्रेडिट और 100 अंक, तथा किसी प्रतिष्ठित जर्नल में शोध पत्र प्रकाशित कराने के लिए 2 क्रेडिट और 100 अंकों का प्रावधान किया गया है।
सत्र शुरू होने में हो सकती है देरी
विश्वविद्यालय में इसी वर्ष से दो वर्षीय पीजी कोर्स में नामांकन की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन वर्तमान प्रशासनिक और शैक्षणिक स्थितियों को देखते हुए इस वर्ष नामांकन शुरू होने की उम्मीद काफी कम है।
दूसरी ओर, चार वर्षीय स्नातक कोर्स पूरा करने वाले छात्र सीधे एक वर्षीय पीजी कोर्स में नामांकन लेंगे, जिसके लिए स्नातक के आठवें सेमेस्टर का रिजल्ट आना अनिवार्य है।
इन तमाम तकनीकी और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए दोनों ही नए पीजी कोर्सेस की शुरुआत में थोड़ी देरी होना तय माना जा रहा है।
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