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Kal Ka Mausam 30 October: उत्तर बिहार में अत्यंंत भारी बारिश का पूर्वानुमान, अर्णब का पूरे राज्य में प्रभाव

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:14 PM (IST)

IMD Weather Forecast Bihar: चक्रवात 'अर्णब' के अवशेषों के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जिससे ...और पढ़ें

बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

HighLights

  1. उत्तर बिहार में चक्रवात अर्णब से भारी बारिश की संभावना।

  2. सीतामढ़ी, मधुबनी के लिए रेड अलर्ट, मुजफ्फरपुर में येलो अलर्ट।

  3. किसानों को धान कटाई और बुवाई टालने की विशेष सलाह।

डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Bihar Weather Update Cyclone Arnab: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी नवीनतम पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर बने डिप्रेशन (चक्रवात "अर्णब" के अवशेष) तथा अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। बिहार में भी आज इसका व्यापक प्रभाव दिखने वाला है।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

Bihar Weather update 3

रेड अलर्ट जारी 

सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर बिहार के शेष जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, वैशाली, सारण, सिवान और गोपालगंज के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।

विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा में अति भारी वर्षा का अनुमान है।

जबकि मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, समस्तीपुर, सारण, वैशाली आदि जिलों में भारी बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा चलने और वज्रपात (मेघ गर्जन) होने की पूरी संभावना है।

bihar weather update heavy rain cyclone arnab alert 30 october 2026 (2)

29 अक्टूबर को मौसम की स्थिति

चक्रवात अर्णब के प्रभाव की वजह से गुरुवार की सुबह से ही आसमान बादलों से ढंका रहा और बूंदाबांदी होती रही। दिन चढ़ने के साथ-साथ बूंदाबांदी की स्थिति तेज होती चली गई, जिसकी वजह से लोगों को सामान्य आवागमन करने में परेशानी हुई। गुरुवार को पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए।

'अर्णब' की वर्तमान स्थिति

आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद भीषण चक्रवाती तूफान "अर्णब" कमजोर होकर 28 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान और फिर एक 'डीप डिप्रेशन' (गहरे दबाव के क्षेत्र) में बदल गया था।

29 अक्टूबर को सुबह 05:30 बजे यह और कमजोर होकर एक 'डिप्रेशन' (दबाव के क्षेत्र) में बदल गया और दक्षिणी छत्तीसगढ़ तथा उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर केंद्रित रहा।

पिछले 6 घंटों के दौरान यह लगभग उत्तर दिशा की ओर 18 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है। 29 अक्टूबर को सुबह 08:30 बजे यह लगभग 19.4°N अक्षांश और 81.9°E देशांतर के पास, जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से लगभग 40 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम, टिटलागढ़ (ओडिशा) से 180 किमी दक्षिण-पश्चिम, भवानीपटना से 150 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम, रायपुर से 200 किमी दक्षिण और संबलपुर से 310 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।

इसके आगे भी लगभग उत्तर दिशा की ओर बढ़ने और 29 अक्टूबर 2026 की शाम तक उत्तरी छत्तीसगढ़ तथा उससे सटे उत्तर-पश्चिमी ओडिशा के ऊपर एक 'वेल मार्ल्ड लो प्रेशर एरिया' (स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र) में कमजोर हो जाने की प्रबल संभावना है।

इसके अलावा, दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक नया 'लो प्रेशर एरिया' (कम दबाव का क्षेत्र) बना है, जिसके 31 अक्टूबर तक डिप्रेशन में तब्दील होकर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है। साथ ही, उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय है।

उत्तर बिहार के लिए मौसम का अनुमान

इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश की संभावना है। आईएमडी रिपोर्ट के अनुसार

29 से 31 अक्टूबर के दौरान बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ व्यापक बारिश की संभावना है।

30 अक्टूबर 2026 को उत्तर बिहार में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rain) होने की प्रबल संभावना है।

31 अक्टूबर से 4 नवंबर के दौरान भी बिहार में कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है।

कृषि-मौसम सलाह

भारी बारिश और रेड-येलो अलर्ट को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:

  • जहां संभव हो, किसान भाई जल्दी पकने वाली धान की फसल की तुरंत कटाई कर लें।
  • कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं या उसे प्लास्टिक/पॉलीथीन शीट से अच्छी तरह ढक दें।
  • पानी की निकासी के रास्तों को साफ रखें ताकि खड़ी फसलों और सब्जियों के खेतों में जलभराव न हो।
  • सरसों, चना, आलू और सर्दियों की सब्जियों की बुआई या रोपाई को फिलहाल टाल दें।

खराब मौसम और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए लोग अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलें तथा पेड़ या असुरक्षित स्थानों के नीचे शरण लेने से बचें।

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