मुजफ्फरपुर में दुर्गापूजा पंडालों के लिए नई गाइडलाइन, आग से बचाव के लिए कड़े नियम
मुजफ्फरपुर में दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने 422 से अधिक पूजा पंडालों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है।

जिले में बन रहे दुर्गा पूजा पंडालों की जांच करते फायर अधिकारी। सौ. फायर विभाग
HighLights
दुर्गापूजा पंडालों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन जारी की गई।
पंडाल की ऊंचाई, निकास द्वार, बिजली व्यवस्था पर सख्त नियम।
आग से बचाव हेतु विशेष इंतजाम और अग्निशामक यंत्र अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर में दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने कमर कस ली है। जिले में बन रहे 422 से अधिक पूजा पंडालों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन जारी की गई है।
अब पंडाल की ऊंचाई, निकास द्वार और खुली जगह से लेकर बिजली व्यवस्था तक के लिए सख्त नियम लागू होंगे। आग से बचाव के लिए भी विशेष इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं।
दुर्गापूजा में पंडालों की बढ़ती संख्या के बीच अग्निशमन विभाग ने आग से बचाव को लेकर सुरक्षा मानक जारी किए हैं। बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 की धाराओं तथा बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली, 2021 के तहत पंडाल निर्माण में भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। जिले में 422 से अधिक पूजा पंडाल बनाए जा रहें। इनमें शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी संख्या में पंडाल बन रहे हैं।
पंडालों के चारों तरफ पांच मीटर तक खुली जगह जरूरी
पंडाल की ऊंचाई कम से कम तीन मीटर होनी चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में अग्निशमन की गाड़ी आ-जा सके। इसके चारों तरफ चार से पांच मीटर खुली जगह रखना जरूरी है।
बिजली लाइन के नीचे पंडाल नहीं बनाया जाएगा। रेलवे लाइन, विद्युत सब स्टेशन, चिमनी या भट्ठी से कम से कम 15 मीटर दूरी रखना होगा। निकास द्वार की चौड़ाई कम से कम पांच मीटर होनी चाहिए।
कम से कम दो निकास रास्ते विपरीत दिशा में रखने होंगे। पंडाल के किसी भी हिस्से से निकास तक पहुंचने की दूरी 15 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
10 कतार के बाद डेढ़ मीटर का गैंगवे
दोनों किनारों पर 1.2 मीटर जगह छोड़नी होगी। बाहर की ओर 1.5 मीटर रास्ता रखना है। 10 कतारों के बाद डेढ़ मीटर का गैंगवे जरूरी है। गेट को समूह में जमीन से स्थिर करने को कहा गया है, ताकि भगदड़ की स्थिति में रास्ता बाधित न हो।
भट्ठी, आतिशबाजी और धूम्रपान पर रोक
पंडाल के अंदर भट्ठी, आतिशबाजी और धूम्रपान प्रतिबंध किया गया है। हाईलोजन लाइट लगाने पर भी रोक है। विद्युत सर्किट, बल्ब और ट्यूबलाइट पंडाल के कपड़े से कम से कम 15 सेंटीमीटर दूर होने चाहिए। स्विच गियर, मुख्य मीटर और स्टेज के पास कार्बन डाइआक्साइड या ड्राई केमिकल पाउडर अग्निशामक रखना होगा।
हर 100 वर्ग मीटर पर अग्निशामक यंत्र जरूरी
हर 50 वर्ग मीटर में कम से कम दो बाल्टी पानी और प्रत्येक 100 वर्ग मीटर पर नौ लीटर क्षमता का वाटर टाइप अग्निशामक रखना होगा। 0.75 लीटर प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से पानी सुरक्षित रखना होगा। पंडाल के कपड़े को अग्निरोधक घोल से उपचारित करने की सलाह दी गई है। बड़े पंडालों के निर्माण से पहले अग्निशमन विभाग से सुझाव लेने को कहा गया है।
इन इलाकों में इतने पंडाल
नगर 14, काजीमुहम्मदपुर 15, मिठनपुरा 18 और बेला में 5, मीनापुर 17, पानापुर 11, शिवाईपट्टी 18, रामपुरहरि 22, पूजा 11, कटरा छह, यजुआर छह, हथौड़ी 20, औराई 30, गायघाट 25, सकरा 15, बरियारपुर 15, मुसहरी 22, पियर 10, हत्था 12, सदर 14, कच्ची-पक्की 20, बोचहां 32, ब्रह्मपुरा 9 पंडाल बताए गए हैं।
