मुजफ्फरपुर को सुंदर बनाने के लिए विदेशी फॉर्मूला, फ्रांस व जर्मनी की टीम ने बनाई विशेष रणनीति
Muzaffarpur Clean City : मुजफ्फरपुर की सड़कों और गलियों को साफ-सुथरा बनाने के लिए अब फ्रांस और जर्मनी की विकास ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में जायजा लेने पहुंची थी टीम। फाइल फोटो।
HighLights
फ्रांस और जर्मनी की एजेंसियों ने मुजफ्फरपुर के लिए रणनीति बनाई।
कचरा प्रबंधन, ट्रांसफर स्टेशन और लीचेट उपचार पर जोर दिया गया।
लोगों को गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर की सड़कों और गलियों को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने के लिए अब विदेशी विशेषज्ञों का फॉर्मूला अपनाया जाएगा। फ्रांस और जर्मनी की विकास एजेंसियों की टीम ने शहर की सफाई व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति तैयार की है।
कचरे के बेहतर प्रबंधन से लेकर उसके सुरक्षित निस्तारण तक पर मंथन हुआ। शहर में कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाने के साथ लीचेट के उपचार की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
खास बात यह है कि सिर्फ व्यवस्था बदलने से नहीं, लोगों की आदत बदलने से भी शहर की तस्वीर बदलने की कोशिश होगी। घर से गीला-सूखा कचरा अलग करने और सड़क पर कचरा नहीं फेंकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
केंद्र प्रायोजित सिटी इनवेस्टमेंट टू इनोवेट इंटीग्रेट एवं सस्टेन 2.0 (सिटीज 2.0) योजना के तहत मुजफ्फरपुर में कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चल रही परियोजना को लेकर बुधवार को फ्रांस की विकास एजेंसी (एएफडी), जर्मनी के विकास बैंक (केएफडब्लू) और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ अर्बन अफेयर्स (एनआइयूए ) की संयुक्त टीम ने
पटना में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष कुमार पराशर के साथ बैठक की।
बैठक में परियोजना के तहत होने वाले अलग-अलग कामों को अंतिम रूप देने और उन्हें जल्द आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। टीम में एएफडी के फैब्रिस जुक्वा, एंटोनी मोगेनो, जस्टिन प्लॉर्डे डेहाउमोंट, नितेश चंद्राकर एवं अमित गोस्वामी तथा एनआईयूए टीम से सौरभ मनुजा, मोहम्मद आरिफ, दिलशाद अहमद एवं पुनीत बब्बर शामिल है।
बैठक में टीम ने रौतिनिया की जगह को सिटीज 2.0 के लिए उपयुक्त बताया। शहर में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए जल्द जमीन उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई।
कचरे से निकलने वाले गंदे पानी लीचेट के उपचार और सही प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। टीम ने शहर के प्रमुख स्थानों को साफ और सुंदर बनाने के लिए विजिबल क्लीनीनैस पर जोर दिया।
इसके साथ ही लोगों की आदतों में बदलाव लाने के लिए व्यवहार परिवर्तन और आईईसी योजना पर भी चर्चा हुई। लोगों को घर से ही गीला और सूखा कचरा अलग रखने, कचरा सड़क पर नहीं फेंकने और सफाई व्यवस्था में सहयोग करने के लिए जागरूक करने की बात कही गई।
पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी
बैठक में कहा गया कि सिटीज 2.0 के तहत होने वाले निर्माण और विकास कार्यों में पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। काम शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी होगा कि उससे पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों पर क्या असर पड़ेगा।
टीम ने पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन और व्यवहार्यता रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि परियोजना के कामों को आगे बढ़ाने में देरी न हो।
टीम ने नगर विकास एवं आवास विभाग की एसएलटीसी समिति से सिटीज 2.0 के प्रस्तावित कामों और घटकों को जल्द अनुमोदित करने का अनुरोध किया।
इससे परियोजना के अगले चरण के कामों को आगे बढ़ाने में तेजी आएगी। बैठक में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजना के कामों को अंतिम रूप देने और मुजफ्फरपुर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
