बिहार में माल बनाने के लिए अवैध रूप से दे दी खादी ग्रामोद्योग की करोड़ों की जमीन
Khadi land dispute : बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के दो गुटों के विवाद के बीच एक गुट ने मधुबनी के ...और पढ़ें

मधुबनी के झंझारपुर में निर्माणाधीन खादी माल। जागरण
HighLights
खादी संघ के विवादित गुट ने अवैध भूमि हस्तांतरण किया।
झंझारपुर, मधुबनी में करोड़ों की खादी भूमि दी गई।
खादी आयोग ने इसे अवैधानिक बताकर जवाब मांगा।
प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। जिस बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के दो गुटों में विवाद के बाद नियामक मंडल को चार वर्ष पूर्व अवैध मानकर भंग कर दिया गया था, उसी में से एक गुट ने स्वयंभू नियामक मंडल के अनापत्ति पत्र के आधार पर मधुबनी के झंझारपुर में ग्रामोद्योग संघ की करोड़ों रुपये की 38 कट्टा (एक बीघा 18 कट्ठा) भूमि खादी माल बनाने के लिए बिहार खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को दे दिया।
प्रविधान के अनुसार जिला खादी ग्रामोद्योग संघ की भी सहमति ली जानी थी, लेकिन नहीं ली गई। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने इस प्रकार भूमि देने को अवैधानिक मानते हुए बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के उक्त गुट के मंत्री रमाशंकर प्रसाद से जवाब मांगा है। इस गुट का कहना है कि आयोग को इस प्रकरण में दखल देने का अधिकार नहीं है।
बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ, सर्वोदय ग्राम, मुजफ्फरपुर के नियामक मंडल पर स्वामित्व के लिए दो गुटों में विवाद हो गया था। निबंधन विभाग के आदेश पर जिलाधिकारी ने वर्ष 2022 में तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई और दोनों को अवैधानिक माना।
इस पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दोनों गुटों के नियामक मंडल को अवैधानिक करार दे दिया। इस बीच एक गुट की ओर से 13 जनवरी, 2025 को झंझारपुर स्थित खादी की करीब 28 कट्ठा जमीन पर खादी माल बनाए जाने का सहमति पत्र दे दिया गया।
वहां लगभग पांच करोड़ की लागत से खादी माल का निर्माण कराया जा रहा है। मधुबनी जिला खादी ग्रामोद्योग संघ की मंत्री सरला देवी ने उक्त गुट को अवैध बताते हुए 13 अगस्त को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग से इसकी शिकायत की।
इस पर आयोग ने कड़ा पत्र लिखते हुए उक्त गुट से जवाबा मांगा है। आयोग के राज्य निदेशक ने जारी पत्र में कहा कि आपके नियामक मंडल की कार्यवाही कानूनन मान्य नहीं है।
ऐसे में बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के लेटर हेड का प्रयोग और मंत्री पदनाम से किया गया पत्राचार वैधानिक कार्यवाही के दायरे में आता है। यह प्रतीत हो रहा है कि सुनियोजित तरीके से इस प्रकरण को अंजाम दिया गया।
विकेंद्रीकरण के बाद मधुबनी जिला खादी ग्रामोद्योग संघ की संपत्ति
आयोग के राज्य निदेशक ने यह स्पष्ट किया कि बिहार खादी ग्रामोद्योग के विकेंद्रीकरण के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में अवस्थित अचल संपत्तियां विकेंद्रित इकाइयों को प्राप्त है।
इस अनुसार मधुबनी जिला की संपत्तियां इसकी विकेंद्रित इकाई मधुबनी जिला खादी ग्रामोद्योग संघ को प्राप्त है। जिला खादी ग्रामोद्योग संघ की सहमति और आयोग की लिखित पूर्वानुमति के बिना अवैध नियामक मंडल द्वारा झंझारपुर में खादी माल के निर्माण की सहमति देना अवैधानिक है और कार्यवाही के दायरे में आता है।
आयोग को दखल का अधिकार नहीं
उक्त मामले में सहमति देने वाले गुट के अध्यक्ष अभय कुमार चौधरी ने कहा कि आयोग को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है। आयोग बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ की जमीन के मार्गेज होने का दावा कर रहा है। उसका मात्र तीन लाख रुपये बकाया है। आयोग यह राशि लेकर बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ को जमीन के दस्तावेज वापस करे।
शीघ्र चुनाव कराएं डीएम
खादी और ग्रामोद्योग आयोग के पत्र को गंभीरता से लेते हुए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने भी मुजफ्फरपुर डीएम से बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के नियामक मंडल का चुनाव शीघ्र कराने का आग्रह किया है। उप निबंधन महानिरीक्षक ने इस संबंध में मुजफ्फरपुर के डीएम को पत्र भेजा है।
