दरभंगा में हजार-दो हजार रुपये के लिए दांव पर लगा रहे भविष्य, भू-माफिया के मोहरे बन रहे किशोर-युवा
दरभंगा में भू-माफिया विवादित जमीनों पर कब्जे और दबाव बनाने के लिए किशोरों और युवकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ...और पढ़ें

सीसी कैमरे के फुटेज में कैद युवकों की तस्वीर। सौ. शोसल मीडिया
HighLights
भू-माफिया विवादित जमीनों पर कब्जे के लिए युवाओं का उपयोग कर रहे।
युवकों को मामूली पैसों का लालच देकर अपराध में धकेला जा रहा।
पुलिस ने घटना के बाद चार आरोपितों को गिरफ्तार किया, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। जमीन के बढ़ते कारोबार के बीच विवादित भूखंडों पर कब्जे और दबाव बनाने के लिए किशोरों और युवकों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है।
रोजगार के अभाव और आर्थिक जरूरत का फायदा उठाकर युवाओं को मामूली रुपये का लालच देकर विवादित जमीन पर जुटाने का आरोप है।
जमीन विवाद से जुड़े मामलों में युवाओं की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस के लिए इसके पीछे सक्रिय लोगों और नेटवर्क की पहचान करना भी चुनौती बन गया है।
दरभंगा एम्स के पास जमीन कब्जे को लेकर 23 सितंबर को हुए विवाद में दर्जनों किशोर और युवक जुटे थे। इस दौरान गोली लगने से लहेरियासराय थाना क्षेत्र के इमामबाड़ी मोहल्ला निवासी विजय भगत जख्मी हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसमें करीब 70 संदिग्ध लोगों की तस्वीर सामने आई। फुटेज में कुछ लोग खाली हाथ, कुछ लाठी लिए और कुछ पिस्टल लहराते दिखाई दिए।
पुलिस ने फुटेज के आधार पर अब तक करीब 40 लोगों की पहचान की है, जिनमें चार को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपितों में किसी का पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने चंद रुपयों के लालच में घटनास्थल पर पहुंचने की बात कही है। किसी को एक हजार तो किसी को दो हजार रुपये मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा उस दिन भोजन उपलब्ध कराने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
इस मामले में बहादुरपुर थाना क्षेत्र के तारालाही गांव निवासी मो. आजाद उर्फ चांद और नीतीश कुमार, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर निवासी मो. अकबर तथा बिशनपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर निवासी लाल यादव को बारी-बारी से गिरफ्तार किया गया है।
गोली लगने से जख्मी विजय भगत के भाई अजय भगत ने पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, विवादित जमीन पर दावा कर रहे दोनों पक्षों की ओर से भी एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए हैं। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों के साथ-साथ युवकों को जुटाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
रोजगार के अभाव का उठाया जा रहा फायदा
भूमि विवाद में युवाओं के इस्तेमाल का यह तरीका पुलिस के लिए इसलिए भी गंभीर है कि इसमें कई ऐसे युवक शामिल पाए गए हैं, जिनका पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है।
मामूली आर्थिक लालच में युवाओं को विवादित जमीन पर जुटाना उन्हें धीरे-धीरे अपराध की ओर धकेल सकता है। ऐसे में पुलिस की जांच केवल घटनास्थल पर मौजूद युवकों तक सीमित रहने के बजाय उन्हें जुटाने और निर्देश देने वाले लोगों तक पहुंचना महत्वपूर्ण हो गया है।
अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। शेष चिह्नित को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी चल रही है। इतनी संख्या में युवकों के जुटने के पीछे क्या कारण है, इस दिशा में गहन जांच चल रही है।
अरविंद कुमार, थानाध्यक्ष,विशनपुर ।
यह भी पढ़ें- दरभंगा में उधारी के पैसे मांगने पर दबंगई, 20 युवकों ने झटका मीट रेस्टोरेंट के संचालक को पीट-पीटकर किया अधमरा
