बिहार के सरकारी स्कूलों में रील्स बनाने पर रोक, शिक्षकों के लिए नए सोशल मीडिया दिशानिर्देश जारी
Bihar Teachers Reels Ban: बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मियों द्वारा रील्स बनाने और सोशल मीडिया ...और पढ़ें

बिना सक्षम प्राधिकार की लिखित अनुमति के सरकारी परिसर से कोई भी वीडियो प्रसारित करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
HighLights
सरकारी स्कूलों में रील्स बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
बच्चों की निजता और सरकारी छवि का हवाला।
उल्लंघन पर शिक्षकों-कर्मियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों और कार्यालय परिसरों में रील्स बनाकर इंटरनेट मीडिया पर अपलोड करने वाले शिक्षकों और कर्मियों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है।
विभाग ने इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हुए रील्स या वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
बिना सक्षम प्राधिकार की लिखित अनुमति के सरकारी परिसर से कोई भी वीडियो प्रसारित करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजता और छवि का हवाला
जारी निर्देश के अनुसार, कक्षा में बच्चों को पढ़ाते हुए वीडियो बनाना उनकी निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। विशेषकर महिला शिक्षकों द्वारा पढ़ाई के दौरान रील्स बनाने को अनुचित ठहराते हुए इसे सरकारी कार्य में बाधा बताया गया है।
विभाग का मानना है कि ऐसे वीडियो से सरकार की छवि प्रभावित होती है और समाज में एकतरफा संदेश जाता है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के विरुद्ध है। इसके अलावा पढ़ाई के समय बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इन कार्यक्रमों के लिए मिलेगी छूट
विभाग ने साफ किया है कि 15 अगस्त, 26 जनवरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पौधारोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्यों और गणमान्य व्यक्तियों के औचक निरीक्षण की रिकॉर्डिंग के लिए नियंत्री पदाधिकारी से लिखित अनुमति ली जा सकती है।
निदेशक प्रशासन ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
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