तिरहुत शिक्षक सीट पर जीते बीजेपी के डॉ. नरेंद्र सिंह ने पहला चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी बनकर जीता था
Bihar MLC Election:तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा समर्थित डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज ...और पढ़ें

बीजेपी समर्थित डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह !
HighLights
डॉ. नरेंद्र सिंह ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जीता।
उच्च शिक्षा से लंबा जुड़ाव, तीन बार MLC रहे।
एनडीए की एकजुटता और जन सुराज का दिखा प्रभाव।
प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। Tirhut Teacher Constituency: तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी बीजेपी समर्थित डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह का उच्च शिक्षा से लंबा जुड़ाव रहा है।
उन्होंने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने इसी विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
विधान परिषद का सफर
सेवानिवृत्ति के बाद भी डॉ. नरेंद्र सिंह का जुड़ाव शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से लगातार बना रहा। वह वर्ष 1996 से 2014 तक लगातार तीन कार्यकालों में बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे।
पहली बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सीपीआई नेता प्रो. परमानंद सिंह मदन को पराजित कर जीत दर्ज की थी।
लगातार दो हार
वर्ष 2014 के चुनाव में जदयू से अलग होकर लड़ी भाजपा ने यह सीट गंवा दी थी। लगातार तीन बार निर्वाचित होने के बाद डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
पिछले चुनाव में जदयू के साथ गठबंधन के बावजूद वह तीसरे स्थान पर खिसक गए थे।
शानदार वापसी और जीत
बढ़ती उम्र और पिछले दो चुनावों में मिली हार के बावजूद भाजपा ने डॉ. नरेंद्र पर पुनः विश्वास जताया। तमाम कयासों को खारिज करते हुए उन्होंने मतगणना के पहले चरण से ही लगातार बढ़त बनाए रखी। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार को 13 सौ से अधिक मतों से पराजित कर जबरदस्त वापसी की।
एनडीए की एकजुटता
डॉ. नरेंद्र सिंह ने अपनी इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को दिया।
चुनाव के दौरान एनडीए के घटक दलों ने पूरी एकजुटता दिखाई। मंत्रियों, विधायकों और पूर्व सांसदों को विधानसभावार प्रभार देकर एक-एक वोट सहेजने की रणनीति बनाई गई।
जन सुराज का प्रभाव
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहली बार जन सुराज की एंट्री ने चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया। पार्टी द्वारा अंतिम समय में उतारे गए प्रत्याशी श्यामनंदन कुमार यादव ने प्रथम वरीयता के 1300 से अधिक वोट हासिल किए।
इसके कारण मुकाबला बहुकोणीय हो गया और अन्य मुख्य प्रत्याशियों के वोट कटे।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: वोट का अंतिम परिणाम
| क्रम संख्या | उम्मीदवार | समर्थन / दल | मिले कुल वोट |
| 1 | डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह | भाजपा समर्थित | 3,662 |
| 2 | भूषण कुमार झा | निर्दलीय | 2,351 |
| 3 | डॉ. संजय कुमार सिंह | सीपीआई समर्थित | 1,967 |
| 4 | श्यामनंदन कुमार यादव | जनसुराज समर्थित | 1,458 |
| 5 | अमित कुमार | निर्दलीय | 282 |
| 6 | प्रेम कुमार यादव | निर्दलीय | 98 |
| 7 | राजेश कुमार | निर्दलीय | 24 |
| 8 | कृष्ण नंदन त्रिवेदी | निर्दलीय | 19 |
| 9 | डॉ. अभय नाथ सिंह | निर्दलीय | 18 |
| 10 | कुमारी रूपम | निर्दलीय | 09 |
| 11 | पूर्णिमा मिश्रा | निर्दलीय | 04 |
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: मतदान के कुल आंकड़े
| विवरण | संख्या |
| कुल मतदाता | 8,760 |
| कुल पड़े वोट | 7,271 |
| अवैध वोट | 254 |
| कुल वैध मत | 7,017 |
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