बिहार सरकार का बड़ा फैसला, तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि की खरीद-बिक्री से हटी रोक
बिहार सरकार ने तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा ली है। ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
तिरहुत ग्रीनफील्ड टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक हटी।
भू-स्वामियों को आर्थिक संकट से मिली बड़ी राहत।
निर्माण कार्य विकास योजना के नियमों के अनुसार ही होंगे।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जमीन अपनी, लेकिन उसे बेचने या जरूरत पड़ने पर हस्तांतरित करने की आजादी नहीं। तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के हजारों भू-स्वामी लंबे समय से इसी परेशानी से जूझ रहे थे। अब उनकी यह मुश्किल दूर हो गई है।
बिहार सरकार ने टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा ली है। इससे भू-स्वामी अपनी जरूरत के अनुसार जमीन का वैधानिक तरीके से क्रय-विक्रय और हस्तांतरण कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले से जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के फैसले के बाद जारी हुई अधिसूचना
बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। विभाग ने भू-स्वामियों की व्यावहारिक कठिनाइयों और उनके सामने उत्पन्न हो रहे आर्थिक संकट को देखते हुए यह कदम उठाया है।
800 एकड़ कोर और 20,200 एकड़ स्पेशल एरिया में थी रोक
बताते चलें कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने 23 अप्रैल 2026 को तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिह्नित 800 एकड़ कोर एरिया और 20,200 एकड़ स्पेशल एरिया में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर रोक लगाई थी।
यह प्रतिबंध मास्टर प्लान तैयार होने तक यानी 30 जून 2027 तक प्रभावी किया गया था। इसके कारण संबंधित क्षेत्र के भू-स्वामी अपनी जमीन का वैधानिक तरीके से सौदा नहीं कर पा रहे थे।
आर्थिक जरूरतों के कारण सरकार ने बदला फैसला
भूमि की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर प्रतिबंध के कारण भू-स्वामियों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जमीन बेचने में कठिनाई हो रही थी। कई लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए सरकार ने प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया है।
विकास योजना के नियमों से होगा निर्माण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि टाउनशिप की विकास योजना अधिसूचित होने के बाद भवन निर्माण और भूमि का विकास उसी योजना में निर्धारित भूमि उपयोग तथा लागू विकास नियंत्रण विनियम (डीसीआर) के अनुरूप करना होगा। यानी जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटने के बाद भी निर्माण और विकास कार्य निर्धारित नियमों के दायरे में रहेंगे।
मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की चल रही तैयारी
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से सैटेलाइट शहरों से संबंधित आयोजना क्षेत्र के मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही सैटेलाइट शहरों के सुनियोजित विकास के लिए स्वतंत्र विकास योजना तैयार करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इस फैसले से भू-स्वामियों को तत्काल राहत मिलेगी और टाउनशिप के नियोजित विकास का रास्ता भी प्रशस्त होगा।
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