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'NDA के भीतर चक्रव्यूह में अकेला पड़ गया', बिहार MLC चुनाव में हार के बाद JDU समर्थित प्रत्याशी का छलका दर्द

Published: Fri, 30 Oct 2026 01:38 PM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 01:53 PM (IST)

Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा ने अपनी हार ...और पढ़ें

अभिषेक झा की फाइल फोटो। सौ: एफबी पोस्ट

अभिषेक झा की फाइल फोटो। सौ: एफबी पोस्ट

HighLights

  1. अभिषेक झा ने एमएलसी चुनाव में अपनी हार पर दर्द बयां किया।

  2. एनडीए के भीतर 'चक्रव्यूह' में अकेले पड़ने का आरोप लगाया।

  3. लगभग 4700 वोटों के रद्द होने पर गंभीर सवाल उठाए।

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Tirhut Graduate Constituency: बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के परिणाम आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और समीक्षा का दौर शुरू हो गया है।

जीत का जश्न मनाने के साथ ही इस बात पर भी मंथन हो रहा है कि किसने साथ निभाया और किसने किनारा किया।

इसी बीच तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी हार पर बड़ा दर्द बयां किया है।

राजनीतिक चक्रव्यूह

अभिषेक झा ने अपनी हार के बाद फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट लिखकर सनसनी फैला दी है। उन्होंने खुद की तुलना महाभारत के पात्र अभिमन्यु से करते हुए कहा कि वे एनडीए के भीतर रचे गए चक्रव्यूह में अकेले पड़ गए थे।

उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी और अंदरूनी खींचतान को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

वोट रद होने पर सवाल

अपने संदेश में अभिषेक झा ने चुनाव प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पक्ष में पड़े लगभग 4700 वोटों को केवल इस आधार पर रद कर दिया गया कि उनके नाम के सामने सही (टिक) का निशान लगा हुआ था।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी संख्या में जागरूक स्नातक मतदाता खुद गलती कर सकते हैं।

रिश्तों की हार नहीं

जदयू नेता ने इशारों-इशारों में अपनों पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ये वोट रद नहीं होते तो चुनावी परिणाम कुछ और ही होते।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक-एक वोट पवित्र धरोहर होता है और इस तरह बड़ी संख्या में मतों का रद होना कई तरह के संदेह पैदा करता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस चुनाव में केवल एक प्रत्याशी की हार हुई है, राजनीतिक रिश्तों की नहीं।

विरोधियों को बधाई

चुनाव जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर ब्रजवासी को बधाई देते हुए अभिषेक झा ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें जितनी भी आलोचनाएं या तीखे शब्द सुनने को मिले, उन्हें वे सहर्ष स्वीकार करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह सहनशीलता उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीखी है और विरोध करने वाले भी इसी लोकतंत्र का हिस्सा हैं।

अटूट रिश्ता

अपने समर्थकों और मतदाताओं का आभार जताते हुए अभिषेक झा ने भावुक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पद मिले या न मिले, जीत हो या हार, वे हमेशा जनता के सुख-दुख में उनके बीच उपस्थित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीतिक सफर और जनता के साथ उनका रिश्ता किसी पद का मोहताज नहीं है।

गौरतलब है कि अभिषेक झा का यह बयान उस समय सामने आया है जब नवनिर्वाचित विधान पार्षद वंशीधर व्रजवासी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले हैं। वहीं शिक्षक सीट से चुने गए नरेंद्र प्रसाद सिंह भी सीएम से मिले हैं। 

तिरहुत स्नातक निर्वाचन चुनाव परिणाम

उम्मीदवार का नाम पार्टी / समर्थित दल प्राप्त वोट स्थिति
बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय 31,832 विजेता (9,147 वोटों के अंतर से जीते)
अभिषेक झा जदयू (एनडीए समर्थित) 22,685 पराजित
डॉ. रश्मि विनायक गौतम राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 14,931 पराजित
डॉ. बी. मोहन जन सुराज 2,327 पराजित

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