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बिहार में जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, पूर्वजों की संपत्ति अब आसानी से होगी आपके नाम

Published: Wed, 07 Oct 2026 02:21 PM (IST)

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार के सभी जिलों में जमाबंदी अपडेट और नामांतरण उत्तराधिकार के लिए डेढ़ महीने का विशेष अभियान शुरू किया है।

बिहार में जमीन के कागजात अपडेट करने और उत्तराधिकार नामांतरण के लिए विशेष अभियान (AI Generated Image)

बिहार में जमीन के कागजात अपडेट करने और उत्तराधिकार नामांतरण के लिए विशेष अभियान (AI Generated Image)

HighLights

  1. राजस्व विभाग ने जमाबंदी अपडेट व नामांतरण उत्तराधिकार अभियान चलाया।

  2. अभियान का लक्ष्य भू-अभिलेखों को शुद्ध व पारदर्शी बनाना है।

  3. मुजफ्फरपुर में 54 अमीन प्रतिनियुक्त, डेढ़ महीने चलेगा अभियान।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। राज्य के सभी जिलों में जमीन के कागजात में गड़बड़ी से परेशान भू-धारियों के लिए अच्छी खबर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पूरे राज्य में जमाबंदी अपडेट व नामांतरण उत्तराधिकार विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इसमें सर्वेक्षण अमीनों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि कामकाज तेजी से हो सके।

विभाग के निदेशक भू-अभिलेख एवं परिमाप ने सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को इससे अवगत कराते हुए प्रतिनियुक्ति किए जाने वाले अमीनों की सूची भेजी है। इसके अनुसार, मुजफ्फरपुर में 54 अमीनों को प्रतिनियुक्ति किया गया है। यह अभियान डेढ़ महीने तक चलेगा।

इसका उद्देश्य भू-अभिलेखों को पूरी तरह शुद्ध व पारदर्शी बनाना है। कई बार जमीन मालिक की मृत्यु के बाद उनके बच्चों के नाम पर जमाबंदी नहीं चढ़ पाती, जिससे उत्तराधिकार के मामले सालों तक लटके रहते हैं।

अभियान में ऐसे ही लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जाएगा। साथ ही मापी का जो काम पेंडिंग है, उसे भी पूरा किया जाएगा।

विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य नहीं हो प्रभावित:

कहा गया कि इस अभियान के तहत मापी कार्य में तेजी लाने के लिए जिले में पदस्थापित विशेष सर्वेक्षण अमीनों की कुल संख्या के अनुपात में जिलों में उनकी प्रतिनियुक्ति की जाए।

साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिनियुक्त अमीनों को जमाबंदी अपडेट व नामांतरण उत्तराधिकार विशेष अभियान और लंबित मापी कार्य का निष्पादन कराया जाए। चयन प्रक्रिया हर अंचल से समानुपातिक रूप से की जाए ताकि किसी एक अंचल का विशेष सर्वेक्षण कार्य प्रभावित न हो।

भू-धारियों को ये होगा लाभ:

  • पूर्वजों की जमीन अपने नाम चढ़ाने के लिए अब महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • जमाबंदी अपडेट होने से जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी रुकेगी।
  • उत्तराधिकार और बंटवारे के विवाद कम होंगे।
  • मापी व नक्शा दुरुस्त होने से भूमि विवाद के केसों में कमी आएगी।
  • लोगों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और काम समय पर होगा।

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