बिहार के सरकारी स्कूलों में पत्र तैयार करने में होगा ChatGPT का उपयोग, बढ़ेगी दक्षता
Bihar Education Department AI: बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए ...और पढ़ें

जिला स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में और अधिक तेजी आएगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। ChatGPT in Government Schools: बिहार के सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अब कामकाज को और आधुनिक तथा सुगम बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विद्यालयों और संस्थानों में पदस्थापित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को एआई तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है।
विभाग का मानना है कि इसके प्रयोग से न केवल बहुमूल्य समय की बचत होगी, बल्कि सरकारी कामकाज को अधिक सरल, सुविधाजनक और प्रभावी भी बनाया जा सकेगा।
चैटजीपीटी से तैयार होंगे सरकारी पत्र
विभाग की ओर से जारी निर्देशों में विशेष रूप से सरकारी पत्रों और परिपत्रों को तैयार करने में चैटजीपीटी (ChatGPT) समेत अन्य एआई एप्लीकेशंस के उपयोग को बेहद उपयोगी बताया गया है।
इसके माध्यम से अधिकारियों को पत्रों का सटीक प्रारूप तैयार करने, जरूरी सूचनाओं को व्यवस्थित करने, भाषा को स्पष्ट बनाने तथा जटिल प्रशासनिक कार्यों को कम से कम समय में पूरा करने में बड़ी सहायता मिलेगी।
इससे कर्मचारियों को अपने नियमित कार्यालयी कार्यों के निष्पादन में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रमों की निगरानी में मददगार
जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों के पर्यवेक्षण और मॉनिटरिंग में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एप्लीकेशन अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।
इनकी मदद से सूचनाओं के त्वरित संकलन, रिपोर्ट तैयार करने, आंकड़ों को करीने से व्यवस्थित करने और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने जैसे कार्य आसानी से हो सकेंगे। इससे जिला स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में और अधिक तेजी आएगी।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश
निदेशक (प्रशासन) की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक और त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में समय की बचत के साथ-साथ तकनीकी दक्षता और पारदर्शिता दोनों में बढ़ोतरी हो सके।