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मुजफ्फरपुर के मुशहरी सीओ निलंबित, दाखिल खारिज में फर्जीवाड़ा और भू माफिया से साठगांठ

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:52 PM (IST)

Bihar Land Records Corruption: मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचलाधिकारी महेंद्र प्रसाद शुक्ला को दाखिल-खारिज में फर्जीवाड़ा और भू-माफिया से साठगांठ के ...और पढ़ें

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह ने बुधवार को यह कार्रवाई की।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह ने बुधवार को यह कार्रवाई की।

HighLights

  1. मुशहरी सीओ महेंद्र प्रसाद शुक्ला दाखिल-खारिज फर्जीवाड़े में निलंबित।

  2. भू-माफिया से साठगांठ और दस्तावेजों में छेड़छाड़ के गंभीर आरोप।

  3. मृत महिला की आपत्ति स्वीकारने, सरकारी कार्यों में लापरवाही भी सिद्ध।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Mushahari CO Suspended Muzaffarpur: दाखिल-खारिज में फर्जीवाड़ा और भू-माफिया से साठगांठ के गंभीर आरोपों में मुशहरी के अंचलाधिकारी (सीओ) महेंद्र प्रसाद शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह ने बुधवार को यह कार्रवाई की। निलंबन अवधि के दौरान सीओ का मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमंडल (छपरा) तय किया गया है।

डीएम की रिपोर्ट पर कार्रवाई

यह कार्रवाई जिलाधिकारी कुमार गौरव के आरोप पत्र के आधार पर की गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) ने भी विभाग को भेजी रिपोर्ट में बताया था कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज किया गया और भू-माफिया के साथ इनकी साठगांठ है।

विभाग द्वारा कराई गई जांच में भी सीओ की भूमिका संदिग्ध और पक्षपातपूर्ण पाई गई।

मृत महिला की आपत्ति स्वीकारी

सीओ पर आरोप है कि उन्होंने एक नामांतरण आवेदन को 140 दिनों तक अटका कर रखा। प्रक्रिया के दौरान एक मृत महिला मालती देवी के नाम से दर्ज फर्जी आपत्ति को भी स्वीकार कर लिया गया।

इसके अलावा दाखिल-खारिज के दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने और विचाराधीन मामलों को नियम विरुद्ध खारिज करने का मामला भी जांच में सही पाया गया।

सरकारी कार्यों में लापरवाही

मुशहरी सीओ विभागीय कामकाज के प्रति भी लंबे समय से लापरवाह बने हुए थे। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत समय पर जानकारी न देने और स्पष्टीकरण का जवाब न देने के आरोप भी सिद्ध हुए हैं।

इसके साथ ही परिमार्जन प्लस, एलपीसी, अभियान बसेरा-2 और आधार सीडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन में भारी उदासीनता बरतने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया।

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