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मुंगेर की उर्मी ने 21 साल में रचा इतिहास, पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर बनीं IPS अधिकारी

Published: Thu, 22 Oct 2026 09:11 AM (IST)

मुंगेर की उर्मी सिन्हा ने 21 वर्ष की आयु में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 170वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं।

21 वर्ष की उम्र में यूपीएससी पास कर आईपीएस बनीं हवेली खड़गपुर की बेटी उर्मी सिन्हा।

 21 वर्ष की उम्र में यूपीएससी पास कर आईपीएस बनीं हवेली खड़गपुर की बेटी उर्मी सिन्हा।

HighLights

  1. उर्मी सिन्हा ने 21 वर्ष की आयु में यूपीएससी क्रैक की।

  2. पहले ही प्रयास में 170वीं रैंक हासिल कर बनीं आईपीएस।

  3. मुंगेर की बेटी उर्मी बनीं स्थानीय युवाओं की प्रेरणा।

संवाद सहयोगी, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और मजबूत इरादों के दम पर मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर की बेटी उर्मी सिन्हा ने बेहद कम उम्र में एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

उर्मी ने महज 21 वर्ष की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 170वीं रैंक हासिल की है। इस शानदार सफलता के साथ ही उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ है और उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है।

उर्मी का मूल संबंध नगर परिषद हवेली खड़गपुर के मारवाड़ी टोला से है। हालांकि, उनका परिवार वर्तमान में पश्चिम बंगाल के हावड़ा में निवास करता है। उर्मी ने अपनी उच्च शिक्षा कोलकाता के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से पूरी की है।

पहली ही कोशिश में मिला मुकाम

पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनका परिवार चिकित्सा क्षेत्र से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता हावड़ा में बच्चों के सुप्रसिद्ध चिकित्सक (पीडियाट्रिशियन) हैं, जबकि माता गृहिणी हैं।

डॉक्टर परिवार से संबंध रखने के बावजूद उर्मी ने देश की प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए सिविल सेवा का कठिन रास्ता चुना और अपनी पहली ही कोशिश में यह बड़ी कामयाबी हासिल कर एक मिसाल कायम की।

स्थानीय युवाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

महज 21 साल की उम्र में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक कर आईपीएस बनने वाली उर्मी सिन्हा की इस उपलब्धि से हवेली खड़गपुर सहित पूरे मुंगेर जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय निवासियों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया है। कम उम्र में मिली यह कामयाबी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्थानीय युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच एक नई उम्मीद और प्रेरणा की किरण बनकर उभरी है।

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