मुंगेर के न्यू पैसरा में विकास की राह तकते ग्रामीण, सड़क-नाला नदारद, कब बदलेगी गांव की तस्वीर
न्यू पैसरा गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है, जहां सड़क, पानी, शौचालय और आवास जैसी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं ...और पढ़ें

नाला नहीं रहने से कच्ची सड़क पर घरों का बहता गंदा पानी जागरण
HighLights
न्यू पैसरा में सड़क, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव।
4.80 लाख का सामुदायिक शौचालय निर्माण के बाद जर्जर हो गया।
नल-जल योजना अधूरी, 60 परिवार कच्चे मकानों में रहने को मजबूर।
संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। सरकारी फाइलों में विकास की बड़ी-बड़ी योजनाएं भले ही आकार ले रही हों, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है।
मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड की आदिवासी बहुल न्यू पैसरा बस्ती आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में सिसक रही है। लगभग 80 परिवारों वाले इस गांव में पक्की सड़क, नाली, पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं न के बराबर हैं।
बारिश के मौसम में गांव की गलियां पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव के दलदल में तब्दील हो जाती हैं। हालत इतनी नारकीय हो जाती है कि किसी आपात स्थिति में मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए चारपाई पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुँचाना पड़ता है।
4.80 लाख का शौचालय बना शो-पीस
गांव में करीब 4 लाख 80 हजार रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, ताकि ग्रामीणों को खुले में शौच से मुक्ति मिल सके।
-1792762949958.webp)
लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका यह भवन निर्माण के महज 10 से 15 दिनों के भीतर ही जर्जर हो गया। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और पानी व सफाई की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यह पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है।
20 घरों तक नल-जल अधूरा
इसके अलावा, बीते चार वर्षों से गांव के 20 घरों तक नल-जल योजना का कनेक्शन तक नहीं पहुंचाया गया है, जबकि पूरे गांव में पिछले दो महीनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
-1792763037758.webp)
पक्के मकान का इंतजार
गांव में रहने वाले 80 परिवारों में से मात्र 20 परिवारों के पास ही पक्का मकान है। शेष 60 परिवार कच्चे मकानों और टूटी-फूटी झोपड़ियों में दिन काटने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार आवेदन जमा किए, लेकिन आज तक उनकी सुध नहीं ली गई। बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकने के कारण इन परिवारों का जीवन नारकीय बन जाता है।
ग्रामीणों का दर्द
"न्यू पैसरा गांव में करीब दो महीनों से नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इस कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।" — संतोष कोड़ा, स्थानीय ग्रामीण
"आवास योजना के लिए दो से तीन बार आवेदन पत्र जमा किया, लेकिन आज तक मेरा आवास स्वीकृत नहीं हुआ। आज भी अपने पूरे परिवार के साथ झोपड़ी में रहने को मजबूर हूँ।" — फूलमानी देवी, ग्रामीण
"गांव में बनाया गया सामुदायिक शौचालय निर्माण के महज 10 से 15 दिनों के भीतर ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया। दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे इसके घटिया निर्माण की पोल खुलती है।" — प्रमिला देवी, ग्रामीण
"सामुदायिक शौचालय में पानी की उचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण ग्रामीण उसका उपयोग नहीं करते। पानी के अभाव में यह बेकार साबित हो रहा है और लोग अब भी खुले में शौच को मजबूर हैं।" — सुनील कोड़ा, ग्रामीण
यह भी पढ़ें- मुंगेर में गोलियां बरसीं, हथियार गायब, मुफस्सिल इलाके में बदमाशों तक कैसे पहुंच रहे कारतूस और कट्टा
यह भी पढ़ें- मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद बिगड़ी आबोहवा; AQI 217 पहुंचा, मुंबई से भी ज्यादा प्रदूषित हुई शहर की हवा
"न्यू पैसरा में करीब 20 घरों तक चार वर्षों से नल-जल का कनेक्शन नहीं पहुंचने के मामले की जानकारी ली जा रही है। संबंधित विभाग से जांच कराकर अविलंब कनेक्शन पहुंचाने की पहल की जाएगी। इसके अलावा जर्जर शौचालय की स्थिति की जांच कराई जाएगी और सड़क-नाला निर्माण की समस्या के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई होगी।"
