मुंगेर के धरहरा में ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ की मौत, लोहिया गुमटी के पास हुआ हादसा, सुबह परिजनों ने की पहचान
मुंगेर के धरहरा में एक दर्दनाक रेल हादसे में 55 वर्षीय मनोज कुमार यादव की मौत हो गई। यह घटना ...और पढ़ें
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धरहरा थाना क्षेत्र के महरना गांव स्थित शोक संतप्त परिजन।
HighLights
धरहरा में ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ की मौत।
लोहिया गुमटी के पास हुआ दर्दनाक रेल हादसा रविवार रात।
मानसिक रूप से अस्वस्थ मनोज कुमार यादव की हुई पहचान।
संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्दनाक रेल हादसे में 55 वर्षीय अधेड़ की जान चली गई। धरहरा और मसूदन स्टेशन के बीच लोहिया गुमटी के पास रविवार की रात ट्रेन की चपेट में आने से महरना गांव निवासी योगेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र मनोज कुमार यादव की मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 10 बजे अप लाइन से एक डीएमयू ट्रेन गुजर रही थी। इसी दौरान गश्त कर रही जीआरपी की नजर रेलवे ट्रैक पर पड़े एक शव पर पड़ी।
जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना धरहरा स्टेशन को दी, जिसके बाद स्टेशन मास्टर ने धरहरा थाना पुलिस को घटना से अवगत कराया। पुलिस ने रात में ही मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और धरहरा थाना पहुँचाया। हालांकि, रात में पहचान नहीं हो पाने के कारण शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, सुबह हुई पहचान
परिजनों ने बताया कि मनोज कुमार यादव की मानसिक स्थिति पिछले करीब चार महीनों से ठीक नहीं चल रही थी। वे किन परिस्थितियों में और कैसे घर से निकलकर रेलवे ट्रैक पर पहुँचे तथा ट्रेन की चपेट में कैसे आए, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी तक सामने नहीं आ सकी है।
सोमवार की सुबह जब परिजन उनकी तलाश करते हुए थाने पहुँचे, तो उन्होंने शव की शिनाख्त मनोज कुमार यादव के रूप में की। पहचानपुष्टि के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की, लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद परिजन रोते-बिलखते शव को अपने साथ पैतृक गांव ले गए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के परिवार में उनकी असामयिक मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मनोज कुमार यादव अपने पीछे तीन पुत्र छोड़ गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हृदय विदारक घटना से महरना गांव में भी मातम छाया हुआ है।
