पहले बाढ़ में डूबी सड़क, अब गड्ढों में फंसी लाइफलाइन, मुंगेर के धरहरा-सिंघिया मार्ग पर हर कदम हादसे का डर
Munger Dharhara Singhia Road Damaged: बाढ़ का पानी उतरने के बाद मुंगेर के धरहरा-सिंघिया सड़क की हालत बदहाल हो गई है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।

Munger Dharhara Singhia Road Damaged: धरहरा-सिंघिया मुख्य मार्ग पर बने गहरे गड्ढे और उखड़ी गिट्टिया।
HighLights
बाढ़ के बाद धरहरा-सिंघिया सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
गहरे गड्ढे और गिट्टियों से लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों ने तत्काल सड़क मरम्मत की मांग जिला प्रशासन से की।
संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। Munger Dharhara Singhia Road Damaged: मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड में बाढ़ का पानी उतरते ही तबाही और तबाही के बाद की भयानक बदहाली की तस्वीर साफ होने लगी है। पानी कम होने के साथ ही धरहरा-सिंघिया सड़क की खस्ताहाली खुलकर सामने आ गई है। क्षेत्र की 'लाइफलाइन' कही जाने वाली यह सड़क बाढ़ के तेज बहाव में जगह-जगह से कटकर पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
तीन से चार फीट पानी के तेज बहाव के कारण सड़क की पिच और गिट्टियां उखड़ गई हैं, जिससे राहगीरों के लिए हर कदम पर हादसों का खतरा मंडरा रहा है। इस मुख्य मार्ग से होकर तीन प्रमुख पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण रोजाना प्रखंड मुख्यालय, स्थानीय बाजार, स्कूल और अस्पतालों तक पहुंचते हैं।
सड़क के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण सबसे अधिक परेशानी पढ़ाई के लिए जाने वाले छोटे बच्चों, आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जाने वाले मरीजों और दिहाड़ी मजदूरों को उठानी पड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर इस जर्जर रास्ते पर चलने को मजबूर हैं।
बाढ़ का पानी छंटने के बाद धरहरा-सिंघिया मुख्य मार्ग हुआ पूरी तरह जर्जर; जगह-जगह बने 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे
धरहरा प्रखंड की 'लाइफलाइन' कही जाने वाली सड़क ध्वस्त होने से तीन प्रमुख पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित
स्कूली बच्चों, आपातकालीन मरीजों, ई-रिक्शा चालकों और रोजमर्रा के सामान ले जाने वाले छोटे कारोबारियों की बढ़ीं मुश्किलें
उखड़ी गिट्टियों और कीचड़ से रात में हादसों का बढ़ा जोखिम; ग्रामीणों ने ग्रामीण कार्य विभाग व जिला प्रशासन से की मरम्मत की मांग
उखड़ी गिट्टियों से लगातार हो रहे हादसे, स्थानीय कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित
सड़क के टूटने से इलाके की आर्थिक गतिविधियां और छोटा व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फल, सब्जी, दूध और राशन सामग्री लेकर आने-जाने वाले छोटे व्यापारियों के वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं।
सड़क पर बिखरी नुकीली गिट्टियों और कीचड़ के कारण आए दिन दोपहिया व साइकिल सवार अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। ई-रिक्शा व ऑटो चालकों ने भी हादसों के डर से इस रूट पर गाड़ियां ले जाने से परहेज करना शुरू कर दिया है।
रात के अंधेरे में बढ़ जाता है जानलेवा खतरा, प्रशासन से अविलंब मरम्मत की गुहार
दिन के उजाले में तो राहगीर जैसे-तैसे गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय स्ट्रीट लाइट न होने और गड्ढे दिखाई न देने के कारण जानलेवा हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन व ग्रामीण कार्य विभाग से अविलंब धरहरा-सिंघिया मार्ग पर गिट्टी-मिट्टी भराई करवाकर स्थायी मरम्मत कराने की गुहार लगाई है, ताकि तीन पंचायतों का ठप पड़ा आवागमन पुनः सुचारू हो सके।
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