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बिहार का पहला उद्योग, झारखंड तक हो रही आपूर्ति, मुंगेर के धरहरा में बन रहे सबमर्सिबल पंप

Published: Fri, 23 Jan 2026 07:36 PM (IST)

मुंगेर के धरहरा में बिहार की पहली सबमर्सिबल पंप निर्माण इकाई 'संध्या उद्योग' स्थापित हुई है। युवा उद्यमी अभिजीत सानू ...और पढ़ें

बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड में सबमर्सिबल पंप बनाया जा रहा है

बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड में सबमर्सिबल पंप बनाया जा रहा है

HighLights

  1. बिहार की पहली सबमर्सिबल पंप निर्माण इकाई धरहरा में।

  2. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से मिली अभिजीत सानू को सहायता।

  3. 'वोल्ट्रान' ब्रांड के पंप बिहार और झारखंड में उपलब्ध।

संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड ने एक नई पहचान स्थापित की है। अब तक सबमर्सिबल पंप और उससे जुड़े उपकरणों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहने वाला बिहार, पहली बार स्थानीय स्तर पर इस तकनीकी उत्पाद का निर्माण कर रहा है। धरहरा में स्थापित सबमर्सिबल पंप निर्माण इकाई राज्य की पहली और एकमात्र ऐसी इकाई है, जहां आधुनिक तकनीक से पंप और स्टार्टर का निर्माण किया जा रहा है। यहां निर्मित मोटर अन्य ब्रांडों की तुलना में किफायती कीमत पर उपलब्ध हैं। यह उपलब्धि युवा उद्यमी अभिजीत सानू सिंह की उद्यमशीलता, नवाचार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।

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सरकारी योजना से मिली उद्यम को उड़ान

अभिजीत सानू सिंह का चयन 2022 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत हुआ। योजना के तहत उन्हें 10 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई, जिसमें से पांच लाख रुपये एक प्रतिशत ब्याज दर पर लौटाने की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने परिवार और निजी संसाधनों से लगभग 40 लाख रुपये का निवेश किया। इस पूंजी से उन्होंने ‘संध्या उद्योग’ नाम से निर्माण इकाई की स्थापना की।
ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कम समय में उत्पादन यूनिट को व्यवस्थित किया और निर्माण कार्य प्रारंभ किया। उनका कहना है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिले तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी सफल औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं।

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गुणवत्ता प्रमाणन से बढ़ी विश्वसनीयता

उत्पादन शुरू होने के कुछ ही समय बाद उद्योग को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन आइएसओ प्राप्त हुआ। इसके साथ ही ‘वोल्ट्रान’ ब्रांड का पंजीकरण कराया गया, जिसे तीन वर्षों की जांच प्रक्रिया के बाद औपचारिक मान्यता मिली। भारत सरकार द्वारा फैक्ट्री निरीक्षण के उपरांत उद्योग को शून्य दोष–शून्य प्रभाव (जेड) प्रमाणन भी प्रदान किया गया। यह प्रमाणन सरकारी विभागों द्वारा खरीद के लिए एक महत्वपूर्ण मानक माना जाता है।

पंप और स्टार्टर की विस्तृत शृंखला

वोल्ट्रान ब्रांड के तहत एक से तीन एचपी तक के सबमर्सिबल पंप का निर्माण किया जा रहा है। घरेलू उपयोग वाले पंपों पर दो वर्ष की प्रतिस्थापन गारंटी और दो वर्ष की वारंटी दी जा रही है, जबकि कृषि उपयोग के पंपों पर एक वर्ष की गारंटी और एक वर्ष की वारंटी उपलब्ध है। कंपनी ने हाल ही में सबमर्सिबल पंप स्टार्टर का निर्माण भी शुरू किया है, जिसमें देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। बेहतर सुरक्षा, टिकाऊपन और प्रदर्शन के कारण इन उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार

संध्या उद्योग में वर्तमान में आठ स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इसके अतिरिक्त यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर कई युवाओं ने अपने गांवों में पंप मरम्मत और इंस्टालेशन से जुड़ी इकाइयां शुरू की हैं। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन में कमी देखी जा रही है। उद्योग के संचालन से स्थानीय बाजारों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं।

सरकारी विभागों में उपयोग की संभावनाएं

अभिजीत सानू सिंह का कहना है कि यदि उनके उत्पादों को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल संसाधन विभाग और पशुपालन विभाग जैसे सरकारी संस्थानों में प्राथमिकता मिले, तो बिहार तकनीकी निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है। धरहरा की यह इकाई आज ग्रामीण उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और स्थानीय विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।

बिहार के साथ झारखंड में भी मांग

धरहरा में निर्मित सबमर्सिबल मोटर की आपूर्ति बिहार के कई जिलों के साथ-साथ झारखंड के गोड्डा, दुमका, देवघर और पाकुड़ सहित अन्य जिलों में भी की जा रही है। कंपनी के पास वर्तमान में 10 से 12 अधिकृत डीलर हैं, जो इन उत्पादों का विपणन कर रहे हैं।

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