मुंगेर में 16 साल बाद सभी पहाड़ों पर फिर शुरू होगा पत्थर उत्खनन, सीएम से मिले जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, कवायद तेज
मुंगेर जिले में 16 साल से बंद पड़े पत्थर उत्खनन को फिर से शुरू करने की प्रशासनिक और राजनीतिक पहल ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल।
HighLights
मुंगेर में 16 साल बाद पत्थर उत्खनन होगा शुरू।
विधायक नचिकेता मंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात।
वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र की सीमा का होगा नया सीमांकन।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। मुंगेर जिले में पिछले 16 वर्षों से पूरी तरह बंद पड़े पत्थर उत्खनन (Stone Mining) को एक बार फिर से गति देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में प्रशासनिक व राजनीतिक पहल तेज हो गई है।
जमालपुर, धरहरा और खड़गपुर प्रखंडों के पहाड़ों पर खनन कार्य पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल ने बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की और एक मांग पत्र सौंपा।
विधायक ने मुख्यमंत्री से मुंगेर जिले के पहाड़ों के वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र (Wildlife Sanctuary Boundary) की सीमा का नए सिरे से सीमांकन कराने और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए खनन का रास्ता साफ करने का विशेष आग्रह किया।
महज 5 स्टोन ब्लॉक नाकाफी, बाहरी हिस्सों में सीमांकन की मांग
विधायक नचिकेता मंडल ने मुख्यमंत्री को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि वन विभाग की ओर से फिलहाल केवल पांच स्टोन ब्लॉक को ही वन क्षेत्र से बाहर किया गया है। इन गिने-चुने ब्लॉकों में पत्थर की उपलब्धता बेहद सीमित है।
ऐसे में सीमित स्तर पर खनन शुरू होने से न तो स्थानीय मजदूरों को पर्याप्त रोजगार मिल पाएगा और न ही जिले के राजस्व में कोई बड़ी वृद्धि होगी। उन्होंने तर्क दिया कि जिले के लगभग सभी पहाड़ों को वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र में शामिल कर दिए जाने के कारण पिछले 16 सालों से पत्थर उत्खनन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
उन्होंने सुझाव दिया कि पहाड़ों के संवेदनशील अंदरूनी हिस्सों (कोर एरिया) को छोड़ते हुए बाहरी हिस्सों (बफर/पेरिफेरल एरिया) का नए सिरे से वैज्ञानिक सीमांकन किया जाना चाहिए और वहां खनन की औपचारिक अनुमति दी जानी चाहिए।
सीएम ने मुख्य सचिव और वन विभाग को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधायक द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए आश्वस्त किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शीघ्र ही सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इस दौरान विधायक ने राज्य के मुख्य सचिव और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
गौरतलब है कि वर्तमान में स्वीकृत पांच स्टोन ब्लॉकों के लिए खनन विभाग द्वारा डिस्ट्रिक्ट सर्वे रिपोर्ट (DSR) तैयार की जा रही है। विधायक ने कहा कि यदि मुंगेर के सभी प्रमुख पहाड़ों पर उत्खनन का कार्य शुरू होता है, तो इससे जिले के हजारों दैनिक मजदूरों और क्रशर उद्योग से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा तथा बिहार सरकार के राजस्व में भी भारी इजाफा होगा।
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