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सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 28 साल बाद गूंजेगा मुंगेर का नाम, श्वेता करेगी बिहार टीम का प्रतिनिधित्व

Published: Sun, 08 Nov 2026 12:25 AM (IST)

जमालपुर की श्वेता माधवी आनंद का चयन 65वीं सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए बिहार टीम में हुआ है, जिससे ...और पढ़ें

श्वेता। फोटो जागरण

श्वेता। फोटो जागरण

HighLights

  1. श्वेता माधवी आनंद का सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बिहार टीम में चयन।

  2. मुंगेर की महिला एथलीट को 28 साल बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह।

  3. श्वेता की सफलता से जिले की उभरती महिला खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

केएम राज, जमालपुर (मुंगेर)। खेल के मैदान से मुंगेर जिले के लिए गौरव की खबर है। जमालपुर प्रखंड के छोटी दौलतपुर निवासी मदन प्रसाद की पुत्री एथलीट श्वेता माधवी आनंद का चयन 65वीं ओपन सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए बिहार टीम में हुआ है। श्वेता राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी।

उनके चयन से जमालपुर सहित पूरे जिले में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि करीब 28 वर्षों बाद मुंगेर जिले की किसी महिला एथलीट को सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में जगह मिली है।

श्वेता ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। श्वेता ने तीन इंडियन सीरीज एथलेटिक्स मीट और बिहार एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।

निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत एक वर्ष में कम से कम तीन इंडियन सीरीज मीट और राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेना अनिवार्य था। श्वेता ने इन मानकों को पूरा करते हुए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। उनकी सफलता से जिले की उभरती महिला खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

दीप जलाकर बेटियों के लिए कामना

छोटी दौलतपुर काली नंबर 13 में बेटियों के सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की कामना को लेकर महिलाओं ने मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलित किए। पूजा समिति पदाधिकारी कुंदन कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस पहल में मां भगवती से बेटियों की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की प्रार्थना की गई।

महिलाओं ने बेटा-बेटी में भेदभाव मिटाने और समान अवसर देने का संदेश दिया। मौके पर रूपा देवी, सरिता देवी, पूनम देवी सहित अन्य मौजूद थीं।

बेटियों के प्रति बदल रही सोच : सुनीता

आदमपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कुमारी सुनीता ने कहा कि अब माताएं बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ते देखना चाहती हैं। शिक्षा, खेल, रोजगार और राजनीति में उनकी भागीदारी को लेकर सोच बदली है।

माताएं बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की पुरानी परंपरा को पीछे छोड़ रही हैं। उनका मानना है कि बेटियों को विश्वास, प्रोत्साहन और समान अवसर मिले तो वे अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।

रोशन करती हैं परिवार का नाम : मंजू

सदर बाजार पोस्ट ऑफिस गली निवासी सामाजिक महिला मंजू वर्णवाल ने कहा कि बेटियां शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के दम पर परिवार और समाज का नाम रोशन करती हैं।

हर मां का सपना होता है कि उसकी बेटी सफल होकर अपनी अलग पहचान बनाए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी विदेश में रहकर भी भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों को संजोए हुए है। यह उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है।

मिले बेहतर शिक्षा और समान अवसर : श्रुति

मुंगेर के घोसीटोला निवासी स्नातक की छात्रा श्रुति चंद्रा ने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं।

जरूरत है कि माता-पिता उनकी शिक्षा में कमी न रखें और आगे बढ़ने के समान अवसर दें। परिवार का भरोसा और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां हर चुनौती का सामना कर सकती हैं। आज की बेटियां ही देश का भविष्य हैं।

माता-पिता के भरोसे ने दी नई पहचान : मेघा

जमालपुर की बेटी और वर्तमान में अमेरिका में रह रहीं मेघा पल्लवी ने कहा कि माता-पिता ने उन्हें अपनी इच्छानुसार आगे बढ़ने की आजादी दी। मां से मिले संस्कार, शिक्षा और स्वतंत्र सोच ने उन्हें नई पहचान बनाने की प्रेरणा दी।

उनका मानना है कि परिवार का विश्वास और सही मार्गदर्शन मिले तो बेटियां हर क्षेत्र में सफल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि हर बेटी को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

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