मुंगेर में स्कूलों की खुली पोल, 416 में से सिर्फ 84 छात्र मिले उपस्थित, DPO ने HM व शिक्षिका से मांगा स्पष्टीकरण
मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड स्थित एक उच्च विद्यालय में DPO के औचक निरीक्षण में 416 में से केवल 84 छात्र उपस्थित मिले, साथ ही शिक्षिका हाजिरी लगाकर गायब पाई गईं।

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
DPO निरीक्षण में 416 में से केवल 84 छात्र उपस्थित मिले।
शिक्षिका सीमा कुमारी हाजिरी लगाकर विद्यालय से गायब पाई गईं।
प्रधानाध्यापक, शिक्षिका, लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया, कार्रवाई तय।
संवाददाता, मुंगेर। जिले के संग्रामपुर प्रखंड अंतर्गत उच्च विद्यालय मंझगाय (सरस्वती विद्या निकेतन, आदर्श विद्यालय) में शिक्षकों के बीच जारी आपसी खींचतान और विवाद के बाद शनिवार को सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO SSA) के औचक निरीक्षण ने विद्यालय की लचर व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुल 416 नामांकित विद्यार्थियों के स्थान पर महज 84 छात्र ही उपस्थित पाए गए। इतनी कम उपस्थिति ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार विभागीय तंत्र और स्थानीय विद्यालय प्रबंधन आखिर क्या कर रहा था।
हाजिरी बनाकर गायब मिलीं शिक्षिका, अप्रैल 2025 से अधूरी है रोकड़ पंजी
जांच रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालय में पदस्थापित कुल 16 शिक्षकों में से एक शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर थे और दो आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) पर थे। वहीं, शिक्षिका सीमा कुमारी उपस्थिति पंजी में अपनी हाजिरी दर्ज करने के बाद अनधिकृत रूप से विद्यालय से गायब पाई गईं।
इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान विद्यालय की रोकड़ पंजी (Cash Book) का संधारण अप्रैल 2025 के बाद से ठप पाया गया और प्रबंध समिति की नियमित बैठकों को लेकर प्रधानाध्यापक (HM) कोई स्पष्ट व संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इन गंभारों अनियमिताओं ने विद्यालय संचालन और वित्तीय पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दौरान क्लर्क ने किया अभद्र व्यवहार
निरीक्षण के क्रम में विभागीय पूछताछ के दौरान विद्यालय के लिपिक (क्लर्क) विजय कुमार द्वारा अधिकारी से उद्दंडतापूर्वक और अनुशासनहीन व्यवहार किए जाने का मामला भी सामने आया है।
डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रधानाध्यापक, दोषी शिक्षिका सीमा कुमारी और लिपिक विजय कुमार तीनों से लिखित स्पष्टीकरण (Explanation Letter) तलब किया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित कर्मियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
विद्यालय में मिली इन गंभीर गड़बड़ियों के बाद तात्कालिक रूप से जवाब-तलब करना विभागीय कार्रवाई की पहली कड़ी तो है, लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि विद्यालय की नियमित रूप से निगरानी करने वाले स्थानीय प्रखंड स्तरीय शिक्षा अधिकारी पहले इन कमियों को चिन्हित करने में क्यों नाकाम रहे।
वित्तीय अभिलेखों के अधूरे संधारण और छात्र उपस्थिति की नियमित समीक्षा न होना पूरे मॉनिटरिंग सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है। फिलहाल, संबंधित कर्मियों के जवाब और अंतिम विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
"औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में विद्यार्थियों की अत्यंत कम उपस्थिति, शिक्षिका का हाजिरी लगाकर गायब रहना और रोकड़ पंजी का अधूर होना जैसी गंभीर खामियां पाई गई हैं। प्रधानाध्यापक, शिक्षिका और लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
— जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO), सर्वशिक्षा अभियान (SSA), मुंगेर
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