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मुंगेर के राजा बाजार की बदलेगी तस्वीर, चार मंजिला भवन में सजेगा कारोबार, दुकानदारों को मिलेगी नई सुविधा

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:06 PM (GMT+05:30)

मुंगेर का ऐतिहासिक राजा बाजार जल्द ही चार मंजिला आधुनिक व्यावसायिक भवन के रूप में पुनर्विकसित होगा।

इस तरह दिखेगा राजा बाजार. सौ. निगम

इस तरह दिखेगा राजा बाजार. सौ. निगम

HighLights

  1. राजा बाजार का चार मंजिला आधुनिक भवन में पुनर्विकास।

  2. भूतल पर फल-सब्जी, ऊपरी तलों पर अन्य दुकानें।

  3. यातायात जाम, अतिक्रमण की समस्या से मिलेगी मुक्ति।

संवाद सूत्र, मुंगेर। Munger Redevelopment Four Storey:  मुंगेर के सबसे पुराने और पारंपरिक बाजारों में शुमार 'राजा बाजार' अब जल्द ही एक नए और आधुनिक कलेवर में नजर आएगा। शहर के कोतवाली थाना के ठीक सामने स्थित इस प्रमुख बाजार के पुनर्विकास की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने औपचारिक योजना को आगे बढ़ा दिया है।

नगर निगम की ओर से प्रस्तावित चार मंजिला आधुनिक व्यावसायिक भवन का डिजाइन तैयार करा लिया गया है, और अब विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) की प्रक्रिया पूरी होते ही इसके निर्माण कार्य को धरातल पर उतारा जाएगा।

यदि यह महत्वकांक्षी योजना अपने तय प्रारूप में साकार होती है, तो राजा बाजार न केवल शहर के फुटकर कारोबारियों को एक व्यवस्थित और सुरक्षित ठिकाना देगा, बल्कि मुंगेर के व्यापारिक दायरे को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

  • मुंगेर शहर के सबसे पुराने और व्यस्त राजा बाजार (कोतवाली थाना के सामने) को आधुनिक और भव्य स्वरूप देने की योजना को मिली गति

  • प्रस्तावित चार मंजिला आधुनिक भवन के डिजाइन के तहत नीचे फल-सब्जी और ऊपरी तलों पर रेडीमेड कपड़े व अन्य सामान की दुकानें मिलेंगी

  • वर्तमान में सड़क पर लगने वाली दुकानों और रोजाना उतरने वाले 7-8 ट्रकों के कारण लगने वाले जाम व अतिक्रमण से मिलेगी मुक्ति

  • बाजार में कुल 40 निबंधित दुकानदार (17 स्टालधारी व 23 पैसेजधारी) हैं, जबकि 130 से अधिक नए दावेदार सामने हैं; निबंधितों को मिलेगी प्राथमिकता

प्रस्तावित अत्याधुनिक डिजाइन में खरीदारी के लिए आने वाले आम नागरिकों और कारोबारियों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके भूतल (Ground Floor) पर फल-सब्जी विक्रेताओं और अन्य फुटकर दुकानदारों के लिए व्यवस्थित दुकानें होंगी, जबकि पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर रेडीमेड कपड़ों, जूतों और अन्य उपयोगी सामानों के शोरूम व दुकानें प्रस्तावित की गई हैं।

भवन निर्माण में आधुनिक वास्तुकला के तहत बड़े शीशों का प्रयोग किया जाएगा, साथ ही छत पर हरियाली (रूफटॉप गार्डन) और खरीदारों के बैठने के लिए आकर्षक स्थल विकसित करने की अनूठी परिकल्पना की गई है।

सड़क के दबाव और जाम से मिलेगी निजात; व्यवस्थित होगा थोक व फुटकर कारोबार

वर्तमान स्थिति यह है कि राजा बाजार में जगह की भारी कमी और अनियोजित दुकानों के कारण सड़क पर लगातार भारी आवागमन का दबाव बना रहता है। यहां सड़क किनारे ठेले और अस्थायी दुकानें सजती हैं।

इसके अलावा, फुटकर विक्रेताओं के लिए आरक्षित परिसरों में धीरे-धीरे आलू-प्याज का थोक कारोबार भी फैल गया है, जहां रोजाना 7 से 8 बड़े ट्रक माल लेकर उतरते हैं। इससे भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है और खरीदारों व राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

नए चार मंजिला भवन के बन जाने से सड़क किनारे लगने वाली दुकानों का दबाव पूरी तरह कम हो जाएगा। थोक और फुटकर कारोबार के लिए अलग-अलग व्यवस्था होने से बाजार में सुगम आवागमन बहाल होगा, साथ ही नगर निगम को भी बेहतर राजस्व प्राप्ति का अवसर मिलेगा।

आवंटन और दावों की पेचीदगियां बड़ी चुनौती; निबंधित दुकानदारों को मिलेगी प्राथमिकता

इस बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास योजना के समक्ष सबसे बड़ी और संवेदनशील चुनौती दुकानों का पूरी तरह पारदर्शी आवंटन करना है। वर्तमान अभिलेखों के मुताबिक इस मार्केट में 17 स्टालधारी और 23 पैसेजधारी यानी कुल 40 दुकानदार ही विधिवत निबंधित हैं, जबकि इसके विपरीत 130 से अधिक लोग दुकान अथवा जमीन पर अपना दावा ठोक रहे हैं।

करीब डेढ़ साल पहले निगम ने बाजार को खाली कराने के लिए दो बार कड़े नोटिस जारी किए थे, जिसमें 15 दिनों की मोहलत दी गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से परिसर खाली नहीं हो सका। इसके अलावा, पैसेज की बंदोबस्ती न होने और पुराने निबंधित दुकानदारों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का बकाया होने से निगम की वित्तीय आय भी प्रभावित हुई है। 

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राजा बाजार मार्केट के नए भवन का डिजाइन तैयार हो चुका है और जल्द ही डीपीआर बनवाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए भवन में सबसे पहले सभी वैध और निबंधित स्टालधारियों व पैसेजधारियों को प्राथमिकता के आधार पर दुकानें आवंटित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, अन्य सड़क किनारे के छोटे दुकानदारों व ठेला चालकों को भी समायोजित करने की योजना है, ताकि शहर को अतिक्रमण और जाम के झंझट से मुक्ति मिल सके।

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-कुमकुम देवी, महापौर, मुंगेर