मुंगेर कासिम बाजार SHO की अपील- 'आप मनाएं दिवाली, सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी', अद्भुत है 12 साल के समर्पण की कहानी
Munger Police Diwali Duty Story: मुंगेर की इंस्पेक्टर रूबी कांत कच्छप ने 12 साल से अपने परिवार से दूर रहकर ...और पढ़ें
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Munger Police Diwali Duty Story: Munger Police Diwali Duty Story: 12 साल से अपनों से दूर खाकी की दीवाली
HighLights
पुलिसकर्मी दीवाली पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
SHO रूबी कांत कच्छप ने 12 साल से ड्यूटी पर दिवाली मनाई।
सुरक्षित, ग्रीन दिवाली मनाने और पटाखों से सावधानी की अपील।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Police Diwali Duty Story: जब पूरा शहर दीयों की जगमगाहट, मां लक्ष्मी की आराधना और पटाखों के उल्लास में डूबा रहता है, तब नागरिकों के इस उल्लास को सुरक्षित रखने के लिए पुलिसकर्मी सड़कों पर पहरा दे रहे होते हैं। मुंगेर के कासिम बाजार थाना की कमान संभाल रहीं इंस्पेक्टर रूबी कांत कच्छप ने इसी संकल्प को दोहराते हुए जिलेवासियों को भरोसा दिलाया है कि "आप सब निश्चिंत होकर अपनों के बीच दीपोत्सव मनाएं, आपकी सुरक्षा और अमन-चैन की पूरी जिम्मेदारी हमारी है।"
बीते 12 वर्षों से हर दीवाली अपने घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर वर्दी में बिताने वाली महिला थानाध्यक्ष ने शहरवासियों को प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की विशेष अपील भी की है।
"ग्रीन दिवाली मनाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें"
थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रूबी कांत कच्छप ने आम जनता और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि दिवाली केवल शोर-शराबे का नाम नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और प्रकाश का पर्व है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना 'ग्रीन दिवाली' मनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इस पावन दिन पर पारंपरिक पूजा-पाठ को प्राथमिकता दें। घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुजनों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें, क्योंकि उनके आशीष में ही जीवन की वास्तविक समृद्धि और शांति छिपी है।
आग से सतर्कता और पटाखों में सावधानी बरतने की हिदायत
इंस्पेक्टर रूबी कांत ने विशेष तौर पर अभिभावकों से बच्चों पर निगरानी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी अनहोनी में बदल सकती है। इसलिए:
बच्चे कभी भी अकेले या बंद जगहों पर पटाखे न जलाएं।
पटाखा फोड़ते समय हमेशा सूती (कॉटन) कपड़े पहनें और ढीले कपड़ों से परहेज करें।
आतिशबाजी स्थल के पास पानी की बाल्टी और बालू का इंतजाम अनिवार्य रूप से रखें।
आग लगने की आशंका वाले स्थानों, बिजली के तारों और ज्वलनशील पदार्थों के नजदीक पटाखे जलाने से बचें।
12 साल से ड्यूटी ही बना परिवार, खाकी का फर्ज सबसे ऊपर
मूल रूप से पूर्णिया की निवासी रूबी कांत कच्छप के परिवार में शिक्षक पति और दो बच्चे हैं। एक मां के दिल में त्योहार पर बच्चों के साथ रंगोली बनाने और दीया जलाने की तड़प जरूर होती है, लेकिन उन्होंने हमेशा व्यक्तिगत सुख से ऊपर जनसेवा के कर्तव्य को रखा है।
वे बताती हैं कि साल 2010 में किशनगंज में पहली पदस्थापना के बाद से लेकर कटिहार, बेगूसराय, जमुई, लखीसराय और अब मुंगेर तक, हर बार उनकी दिवाली थाना परिसर और गश्त वाली गाड़ी में ही बीती है। वे कहती हैं, "जब हमारे रात-दिन जागने से मुंगेर का हर परिवार बिना किसी डर के अपने घर में खुशियों के दीप जलाता है, तो उस मुस्कान को देखकर हमारी सारी थकान मिट जाती है। जहां हमारी ड्यूटी होती है, जनता ही हमारा परिवार बन जाती है।"
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