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खाकी को चुनौती देकर कहां दुबके हैं हमलावर, मुंगेर पुलिस अंधेरे में चला रही तीर, अब तक गिरफ्तारी नहीं

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:34 AM (IST)

मुंगेर में अवैध बालू खनन रोकने गई पुलिस टीम पर बालू माफिया ने हमला कर दिया, जिसमें धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी ...और पढ़ें

एआई द्वारा जनरेट की गई सांकेतिक तस्वीर।

एआई द्वारा जनरेट की गई सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. पुलिस टीम पर बालू माफिया ने किया हमला।

  2. हिरासत से युवक को छुड़ाया, पत्थरबाजी भी हुई।

  3. 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। जिले के टेटिया बंबर थाना क्षेत्र अंतर्गत महाने नदी के मंजूरा घाट पर अवैध बालू खनन और परिवहन को रोकने गई पुलिस टीम पर बालू माफियाओं ने हमला बोल दिया। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और ईंट-पत्थर चलाए गए तथा मौके से हिरासत में लिए गए एक युवक को जबरन छुड़ाकर भगा दिया गया।

इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा है कि पुलिस बल पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने थानाध्यक्ष को आरोपितों की धरपकड़ के लिए पूरी ताकत झोंक देने और गिरफ्तारी में कोई कसर न छोड़ने का सख्त निर्देश दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि मंजूरा घाट पर महाने नदी से अवैध रूप से बालू निकालकर ट्रैक्टर पर लोड किया जा रहा है और प्लास्टिक की बोरियों में भरा जा रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बालू लाद रहे सुमेश कुमार को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि इसी दौरान विवेक कुमार उर्फ मयंक कुमार, वरुण कुमार सिंह और अन्य लोग वहां पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे।

हिरासत से युवक को छुड़ाया, लाइसेंसी राइफल लेकर पहुंचा आरोपित

प्राथमिकी के मुताबिक, उग्र लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की। विवेक कुमार उर्फ मयंक कुमार पर पुलिस पर ईंट-पत्थर चलाने और हिरासत में लिए गए सुमेश को छुड़ाकर भगाने का मुख्य आरोप है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान एक आरोपित लाइसेंसी राइफल लेकर भी मौके पर पहुंच गया था। वहीं, वरुण कुमार सिंह पर सुमेश कुमार को उसकी ग्लैमर मोटरसाइकिल समेत भगाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में पुलिस ने तीन नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।

घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर आरोपी

घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद टेटिया बंबर थाना पुलिस एक भी मुख्य आरोपित को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो पाई है। पुलिस का रटा-रटाया जवाब यही है कि "छापेमारी चल रही है," जिससे साफ है कि पुलिस फिलहाल अंधेरे में तीर चला रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।

पूर्व में भी पुलिस टीमों पर हो चुके हैं हमले

मुंगेर जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक विभागों की टीमों पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार माफिया खाकी को चुनौती दे चुके हैं:

  • सितंबर 2021: मनिया बालू घाट पर छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी।

  • जुलाई 2020: पृथ्वीचक में अवैध खनन की जांच करने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था।

  • अगस्त 2025: हेरू दियारा में परिवहन विभाग की टीम पर हुए हमले में एक महिला दारोगा समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इन पुरानी वारदातों के मद्देनजर अब मंजूरा घाट मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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"पुलिस पर हमला करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। अवैध बालू खनन और पुलिस बल पर हमले की घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है। थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी नामजद आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।"

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— सैयद इमरान मसूद, पुलिस अधीक्षक (SP, मुंगेर)