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हाथ-पैर के प्लास्टर की जगह मच्छर मारेंगे हड्डी रोग विशेषज्ञ, मुंगेर स्वास्थ्य विभाग का अजब खेल, डॉक्टर बने VBDC अफसर

Published: Tue, 03 Nov 2026 08:53 PM (IST)

मुंगेर स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की कमी के चलते एक हड्डी रोग विशेषज्ञ को जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ...और पढ़ें

प्लास्टर छोड़ अब मच्छर मारेंगे हड्डी रोग विशेषज्ञ! मुंगेर में डॉ. निरंजन बने वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी, उठे सवाल

प्लास्टर छोड़ अब मच्छर मारेंगे हड्डी रोग विशेषज्ञ! मुंगेर में डॉ. निरंजन बने वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी, उठे सवाल

HighLights

  1. हड्डी रोग विशेषज्ञ को वेक्टर जनित रोग नियंत्रण प्रभार।

  2. मुंगेर में अधिकारियों की कमी का चौंकाने वाला उदाहरण।

  3. 2023 से प्रभार पर चल रहा संवेदनशील विभाग।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की कमी और प्रभार आवंटन की कार्यशैली का एक चौंकाने वाला उदाहरण मुंगेर में सामने आया है। अब जिले में मच्छर जनित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, सर्विलांस और नियंत्रण की कमान एक हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक सर्जन) के कंधों पर होगी।

मुंगेर सदर अस्पताल में पदस्थापित हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निरंजन कुमार को जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी करते हुए उन्हें अविलंब पदभार संभालने का निर्देश दिया गया है।

हैरानी की बात यह है कि जिस पद का प्राथमिक दायित्व डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, मलेरिया और कालाजार जैसी खतरनाक मच्छरजनित और कीटजनित महामारियों से बचाव, छिड़काव और नियंत्रण रणनीति बनाना है, उसकी जिम्मेदारी अब टूटी हड्डियों का इलाज और प्लास्टर करने वाले विशेषज्ञ को थमा दी गई है। इस आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे में डॉक्टरों की विशेषज्ञता और विभागीय प्राथमिकताओं के बीच तालमेल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

2023 से प्रभार के भरोसे चल रहा संवेदनशील विभाग

मुंगेर जिले में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण जैसा संवेदनशील विभाग लंबे समय से नियमित अधिकारी की बाट जोह रहा है। वर्ष 2023 में तत्कालीन नियमित पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। इसके बाद विभाग ने जिला यक्ष्मा (टीबी) पदाधिकारी डॉ. ध्रुव कुमार को इसका अतिरिक्त प्रभार सौंपा था।

अगस्त 2026 में डॉ. ध्रुव कुमार के भी सेवानिवृत्त हो जाने के बाद सिविल सर्जन डॉ. राजू ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रमन कुमार को यह जिम्मा सौंपा था। अब स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्तर से नया आदेश जारी करते हुए हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निरंजन कुमार को इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

विशेषज्ञता पर उठे सवाल, सिविल सर्जन बोले- अस्थायी व्यवस्था

बरसात और बदलते मौसम के दौरान जिले में डेंगू और वायरल बीमारियों का खतरा हमेशा चरम पर रहता है। ऐसे समय में जब जमीन पर गहन मॉनिटरिंग और कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) से जुड़े तकनीकी फैसलों की जरूरत होती है, तब एक सर्जन को प्रशासनिक और फील्ड वर्क की जिम्मेदारी सौंपे जाने से सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे सदर अस्पताल में हड्डी के मरीजों के इलाज और ऑपरेशन पर भी असर पड़ सकता है।

मामले पर मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पूरी तरह कामचलाऊ है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा नियमित पदाधिकारी की पदस्थापना होने तक प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन के लिए विभागीय अधिसूचना के तहत डॉ. निरंजन कुमार को यह अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्हें निर्देशानुसार कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।

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