मुंगेर की सड़कों का बदलेगा नक्शा, ट्रैफिक जाम से राहत के लिए सर्वे शुरू, अगले 20 साल का बनेगा मास्टर प्लान
मुंगेर शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले 20 वर्षों हेतु एक महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान तैयार हो रहा है। ...और पढ़ें
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मुंगेर शहर के प्रमुख चौराहे पर ट्रैफिक और सड़क का सर्वे करती टीम।
HighLights
अगले 20 वर्षों के लिए मुंगेर का मास्टर प्लान तैयार।
बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव का होगा समाधान।
सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन पर व्यापक सर्वे।
संवाद सूत्र, मुंगेर। मुंगेर शहर और इसके आसपास के इलाकों को अगले दो दशकों (20 वर्षों) की बढ़ती आबादी, वाहनों के दबाव और शहरी फैलाव के अनुरूप विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी 'मास्टर प्लान' तैयार किया जा रहा है।
इस योजना के तहत केवल मुंगेर नगर निगम और जमालपुर नगर परिषद के शहरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास की पंचायतों और ग्रामीण इलाकों को भी शामिल कर व्यापक सर्वे कराया जा रहा है।
इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य प्रमुख सड़कों, चौराहों और बुनियादी सुविधाओं का डेटा जुटाकर भविष्य के लिए सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक मैनेजमेंट का ब्लूप्रिंट तैयार करना है।
शहर के साथ-साथ गांवों में भी सड़कों और ट्रैफिक का अध्ययन
मास्टर प्लान का दायरा काफी विस्तृत रखा गया है ताकि ग्रामीण इलाकों को भी आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जा सके। सर्वे के अंतर्गत:
शामिल क्षेत्र: खड़गपुर प्रखंड के 11 गांव, बरियारपुर प्रखंड के सभी क्षेत्र, जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र व 43 गांव, धरहरा प्रखंड के 20 गांव, मुंगेर सदर प्रखंड के 54 गांव और पूरे मुंगेर नगर निगम क्षेत्र को कवर किया जा रहा है।
प्रमुख शहरी मार्ग: मुंगेर शहर के पूरबसराय ब्रह्मस्थान से एक नंबर ट्रैफिक तक तथा बड़ी बाजार से कोणार्क चौक, दीनदयाल चौक और गांधी चौक तक प्रमुख सड़कों का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। बासदेवपुर और लालदरवाजा जैसे सघन इलाकों की यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया जा रहा है।
गाड़ियों की गिनती से तय होंगी भविष्य की जरूरतें
सर्वे में लगी टीम सड़कों से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहनों की समयबद्ध गणना कर रही है। प्रमुख चौराहों पर अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाली गाड़ियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।

इससे वर्तमान ट्रैफिक लोड को समझने और आने वाले 20 सालों में वाहनों की संभावित संख्या का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन-किन रूटों पर सड़कों का चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है।
नवंबर तक जमा होगी फाइनल रिपोर्ट
जून महीने से जारी इस वृहद सर्वे कार्य को पूरा कर नवंबर तक अंतिम रिपोर्ट जमा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जुटाए गए आंकड़ों का तकनीकी विश्लेषण कर विकास की नीतियां बनाई जाएंगी। सर्वे टीम में मनोज ओझा, रिया कुमारी और चंदा कुमारी यादव समेत कई अन्य विशेषज्ञ मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।
मास्टर प्लान का ध्येय अगले 20 वर्षों में मुंगेर और आसपास की बढ़ती आबादी व ट्रैफिक दबाव का स्थायी समाधान निकालना है। सड़कों के चौड़ीकरण और बेहतर यातायात प्रबंधन से पूरे जिले के आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा मिलेगी।
