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मुंगेर में फ्लोराइड से मिलेगी मुक्ति: 249 करोड़ से घर-घर पहुंचेगा गंगाजल, 19 जलमीनारें और 5 एकड़ में बनेगा वाटर प्लांट

Published: Sun, 08 Nov 2026 02:44 PM (IST)

Munger Gangajal Drinking Water Project: मुंगेर जिले में फ्लोराइड युक्त भूजल से मुक्ति के लिए 249 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी ...और पढ़ें

Munger Gangajal Drinking Water Project: सुल्तानगंज से पहुंचेगा गंगाजल, 19 जलमीनारों से होगी आपूर्ति।

Munger Gangajal Drinking Water Project: सुल्तानगंज से पहुंचेगा गंगाजल, 19 जलमीनारों से होगी आपूर्ति।

HighLights

  1. मुंगेर में फ्लोराइड युक्त पानी से मिलेगी राहत।

  2. 249 करोड़ की गंगाजल पेयजलापूर्ति योजना तैयार।

  3. 19 जलमीनारें और 5 एकड़ में वाटर प्लांट।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Gangajal Drinking Water Project: मुंगेर जिले के ग्रामीण अंचलों में लंबे समय से फ्लोराइडयुक्त भूजल पीने को मजबूर हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने हवेली खड़गपुर, टेटिया बंबर और तारापुर प्रखंड के दर्जनों गांवों तक शुद्ध गंगाजल पहुंचाने के लिए 249 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी पेयजलापूर्ति योजना का खाका तैयार कर लिया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र के लोगों को दूषित भूजल और उससे होने वाली गंभीर बीमारियों से स्थायी मुक्ति मिल जाएगी।

सुल्तानगंज से हलुमना डैम और सिंदुवारणी तक बिछेगी पाइपलाइन

परियोजना की रूपरेखा के अनुसार, गंगा नदी के पावन जल को सुल्तानगंज से विशाल इंटेक वेल और पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से हलुमना डैम और सिंदुवारणी जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। सुल्तानगंज से लेकर मुंगेर के इन पर्वतीय व पठारी इलाकों तक लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

डैम और जलाशय तक पानी पहुंचने के बाद वहां वैज्ञानिक पद्धति से इसका शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके लिए पांच एकड़ भूमि चिन्हित कर अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) स्थापित करने की तैयारी की गई है। इस प्लांट में पानी को पीने योग्य मानकों पर शत-प्रतिशत खरा उतारने के बाद ही मुख्य आपूर्ति ग्रिड में भेजा जाएगा।

19 जलमीनारों से घर-घर बिछेगा नल-जल का जाल

शोधित गंगाजल को सुचारू और समान दबाव के साथ ग्रामीण बस्तियों तक पहुंचाने के लिए पूरे क्षेत्र में कुल 19 विशाल जलमीनारें (वाटर टावर) बनाई जाएंगी। इन जलमीनारों से जुड़ी वितरण पाइपलाइनों के जरिए हर घर तक नल का शुद्ध जल पहुंचाया जाएगा।

मुंगेर गंगाजल पेयजलापूर्ति परियोजना: प्रमुख आंकड़े

  • कुल प्राक्कलित लागत: 249 करोड़ रुपये

  • लाभान्वित प्रखंड: हवेली खड़गपुर, टेटिया बंबर और तारापुर

  • कवरेज विस्तार: तारापुर प्रखंड की सभी 24 पंचायतें

  • जल स्रोत: सुल्तानगंज (गंगा नदी)

  • पाइपलाइन रूट: सुल्तानगंज से हलुमना डैम एवं सिंदुवारणी

  • वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP): 5 एकड़ भूमि पर निर्माण

  • जलमीनारों की संख्या: 19 जलमीनारें (पानी टंकियां)

  • क्रियान्वयन एजेंसी: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED)

विभागीय स्तर पर तारापुर प्रखंड की सभी 24 पंचायतों को इस परियोजना के दायरे में लाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। वर्तमान में इस इलाके के अधिकांश निवासी चापाकलों और बोरिंग के भूजल पर निर्भर हैं, जहां कई स्थानों पर पानी में फ्लोराइड की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई जाती है। इसके लगातार सेवन से दांतों और हड्डियों की विकृति (फ्लोरोसिस) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना रहता है।

समय पर निर्माण पूरा करना होगा सबसे बड़ा दायित्व

गंगाजल की निर्बाध आपूर्ति शुरू होने से हजारों परिवारों को जीवनदायिनी सुविधा मिलेगी। हालांकि, योजना को तय समय पर मूर्त रूप देने के लिए पाइपलाइन बिछाने, पांच एकड़ में ट्रीटमेंट प्लांट खड़ा करने और 19 जलमीनारों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना प्रशासन के लिए आवश्यक होगा।

मामले पर पीएचईडी के पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि योजना की तकनीकी व प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बहुत जल्द निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य को धरातल पर शुरू कराया जाएगा।

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