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मुंगेर में जनजातीय समाज की बुलंद आवाज, अधिकार, रोजगार और सरकारी योजनाओं पर मंथन, विकास की नई उम्मीदों पर टिकी नजर

Published: Sat, 10 Oct 2026 07:09 AM (GMT+05:30)

धरहरा के बंगलवा में जिला स्तरीय जनजातीय सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य समुदाय को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक कर ...और पढ़ें

धरहरा के बंगलवा पंचायत भवन में आयोजित जिला स्तरीय जनजातीय सम्मेलन में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण

धरहरा के बंगलवा पंचायत भवन में आयोजित जिला स्तरीय जनजातीय सम्मेलन में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण

HighLights

  1. जनजातीय अधिकारों और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर।

  2. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण पर गहन चर्चा।

  3. सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया।

संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। जनजातीय समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को धरहरा प्रखंड के बंगलवा पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय जनजातीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

इस सम्मेलन में मुख्य रूप से जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास, सांस्कृतिक व पारंपरिक विरासत के संरक्षण तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ धरातल तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

  • मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड स्थित बंगलवा पंचायत भवन में जनजातीय समाज के उत्थान हेतु जिला स्तरीय जनजातीय सम्मेलन का आयोजन

  • सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना

  • शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, संस्कृति और पारंपरिक विरासत के संरक्षण के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर उतारने पर विशेष जोर

  • जिला कल्याण पदाधिकारी कुमारी रानी, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी भोगेंद्र कुमार, मुखिया करमी देवी व हम (से) जिलाध्यक्ष परमानंद मांझी रहे मौजूद

कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक समाज के इस वर्ग तक शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचेंगी, तब तक वास्तविक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

अधिकारों की जानकारी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर; जिला कल्याण पदाधिकारी ने रखी बात

सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला कल्याण पदाधिकारी कुमारी रानी ने कहा कि जनजातीय समुदाय के अधिकारों की सही जानकारी देना और उन्हें विभिन्न सरकारी विकास योजनाओं से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Munger dharhara Tribal Conference Boosts Rights Welfare Development (2)

उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ने से समाज के युवाओं को आगे बढ़ने के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे। वहीं, ग्रामीण वचिंत रविकांत कोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं ही उनकी असली पहचान हैं। अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की दिशा में अब प्रभावी और ठोस पहल होनी चाहिए।

प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी; सांस्कृतिक संरक्षण पर बनी सहमति

इस सम्मेलन में कल्याण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम में अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी भोगेंद्र कुमार, सोनेलाल पाल, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी श्रावणी कुमारी, विनोद कुमार, सहायक राकेश रंजन और नीलांबर झा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

Munger dharhara Tribal Conference Boosts Rights Welfare Development (2)

इसके अलावा बंगलवा पंचायत की मुखिया करमी देवी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम-से) के जिला अध्यक्ष परमानंद मांझी, विनोद कोड़ा, पुष्पा सोरेन, मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनजातीय महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। सभी ने समाज के उत्थान और कुप्रथाओं के खात्मे का संकल्प लिया।

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"जनजातीय समुदाय के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में जागरूकता लाने से ही इस समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।"

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— कुमारी रानी, जिला कल्याण पदाधिकारी (मुंगेर)