मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव: 226 एकड़ जमीन का सर्वे पूरा! हेरू दियारा से करहरिया तक 16 किमी में SIA की तैयारी शुरू
Munger Bhagalpur Marine Drive Land Survey: मुंगेर-भागलपुर गंगा मरीन ड्राइव परियोजना के प्रथम चरण में हेरू दियारा से करहरिया तक ...और पढ़ें

Munger Bhagalpur Marine Drive Land Survey: मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव के प्रस्तावित मार्ग पर जमीन की स्थिति का जायजा लेते जिला भूअर्जन पदाधिकारी और परियोजना प्रबंधक
HighLights
प्रथम चरण में 226 एकड़ भूमि का सर्वेक्षण पूरा।
हेरू दियारा से करहरिया तक 16 किमी का दायरा।
सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) हेतु प्रस्ताव तैयार।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Bhagalpur Marine Drive Land Survey: मुंगेर और भागलपुर के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित 83 किलोमीटर लंबी गंगा मरीन ड्राइव परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। परियोजना के प्रथम चरण (फेज-1) में भूमि उपलब्धता और अधिग्रहण की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। मुंगेर के हेरू दियारा से लेकर बरियारपुर प्रखंड के करहरिया पंचायत तक गंगा किनारे लगभग 16 किलोमीटर के दायरे में 226 एकड़ भूमि का प्राथमिक सर्वेक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
अब भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट - एसआइए) कराने के लिए राज्य सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है। एसआइए की स्वीकृति मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया तीव्र गति से आगे बढ़ाई जाएगी।
भूअर्जन पदाधिकारी व परियोजना प्रबंधक ने किया स्थलीय निरीक्षण
परियोजना को गति देने के उद्देश्य से जिला भूअर्जन पदाधिकारी पंकज गुप्ता और मरीन ड्राइव परियोजना के परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार ने संयुक्त रूप से प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय मुआयना किया। अधिकारियों की टीम ने हेरू दियारा से करहरिया तक प्रस्तावित सड़क के एलाइनमेंट में आने वाली जमीनों की वास्तविक स्थिति, भूमि की प्रकृति और उपलब्धता की गहन पड़ताल की।
मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव
कुल परियोजना लंबाई: लगभग 83 किलोमीटर (मुंगेर से भागलपुर)
प्रथम फेज का दायरा: हेरू दियारा से बरियारपुर (करहरिया पंचायत) तक
प्रथम फेज की लंबाई: करीब 16 किलोमीटर
सर्वेक्षित कुल भूमि: 226 एकड़ (गंगा तटीय क्षेत्र)
वर्तमान चरण: सर्वेक्षण संपन्न ➔ सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) हेतु प्रस्ताव प्रेषित
अगला कदम: एसआइए रिपोर्ट के आधार पर औपचारिक भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण
संयुक्त निरीक्षण टीम: पंकज गुप्ता (जिला भूअर्जन पदाधिकारी) एवं अविनाश कुमार (परियोजना प्रबंधक, मरीन ड्राइव)
इस दौरान विशेष रूप से यह देखा गया कि प्रस्तावित मार्ग में सरकारी जमीन का कितना हिस्सा आ रहा है, ताकि निजी रैयती भूमि के अधिग्रहण को न्यूनतम रखा जा सके और निर्माण कार्य में कोई कानूनी बाधा उत्पन्न न हो।
एसआइए रिपोर्ट के बाद जमीन सौंपेगा भूअर्जन कार्यालय
जिला भूअर्जन पदाधिकारी पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रथम चरण के 16 किलोमीटर लंबे खंड में जमीन से जुड़ा सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। अब सभी वैधानिक दस्तावेज तैयार कर सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि भूअर्जन से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं।
वहीं, परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि कार्यदायी एजेंसी ने निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जिला भूअर्जन कार्यालय से आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने की अधियाचना की थी। इसी सिलसिले में संयुक्त निरीक्षण किया गया है। जैसे ही भूअर्जन कार्यालय द्वारा चिन्हित भूमि हस्तांतरित की जाएगी, निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
दोनों प्रमंडलीय शहरों के बीच सुगम होगा सफर, दियारा में बढ़ेगा विकास
83 किमी लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण से मुंगेर और भागलपुर के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा। यह परियोजना न केवल दोनों प्रमुख औद्योगिक व शैक्षणिक नगरों के बीच संपर्क को सुगम बनाएगी, बल्कि वर्षों से उपेक्षित गंगा तटीय दियारा क्षेत्रों को भी मुख्यधारा की सड़क प्रणाली से जोड़ेगी। इससे कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी और स्थानीय स्तर पर व्यापार, लॉजिस्टिक्स तथा आर्थिक विकास को नया आयाम मिलेगा। प्रथम चरण का सर्वेक्षण पूरा होना इस दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम साबित हुआ है।
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