मुंगेर में अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालक को 14 साल की सजा, घर में छिपाकर रखे थे हथियार, कोर्ट का बड़ा फैसला
Munger Mini Gun Factory Owner Guln Alias Gulfam Sentenced 14 Years: मुंगेर में अवैध मिनी गन फैक्ट्री मामले में अपर ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
HighLights
मुंगेर में अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालक को 14 साल की सजा।
मो. गुलन उर्फ गुलफाम को आर्म्स एक्ट में दोषी ठहराया गया।
पुलिस ने 2019 में आरोपी के घर से हथियार बरामद किए थे।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Mini Gun Factory Owner Guln Alias Gulfam Sentenced 14 Years: मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अवैध मिनी गन फैक्ट्री के उद्भेदन मामले में प्रभावी अनुसंधान और सशक्त अभियोजन के चलते आरोपी को कड़ी सजा हुई है। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सप्तम (ADJ-7) की अदालत ने बुधवार को मुफस्सिल थाना से जुड़े इस मामले में अभियुक्त मो. गुलन उर्फ गुलफाम (निवासी मिर्जापुर बरदह) को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई।
मामला 1 जनवरी 2019 का है, जब तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह के लिखित आवेदन पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी के घर के आंगन के दक्षिण-पूर्वी कोने में प्लास्टिक के बोरे में बांधकर जमीन में छिपाकर रखे गए अवैध निर्मित व अर्धनिर्मित हथियार तथा हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए थे।
मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर बरदह निवासी मो. गुलन उर्फ गुलफाम को अदालत ने ठहराया दोषी।
एडीजे-7 की अदालत ने आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में सुनाई 14 वर्ष सश्रम कारावास व भारी जुर्माने की सजा।
1 जनवरी 2019 को पुलिस ने आरोपी के घर में आंगन के नीचे बोरे में छिपे अवैध व अर्धनिर्मित हथियार किए थे बरामद।
एसपी सैयद इमरान मसूद ने की पुष्टि; कहा— मजबूत तफ्तीश और गवाही के दम पर अभियुक्त को मिली कड़ी सजा।
आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में 14 साल की सजा और जुर्माना
अदालत ने आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत 14 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा सुनाई। इसके अलावा इसी अधिनियम की एक अन्य धारा में भी 14 वर्ष सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। साथ ही धारा 25(1-बी)ए और धारा 26(1) के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से मिली सफलता: एसपी
मुंगेर के पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद ने बताया कि मामले में पुलिस द्वारा किए गए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, समय पर दाखिल आरोप पत्र और अभियोजन पक्ष के गवाहों की मजबूत गवाही के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) विनोद कुमार यादव ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा था।
