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मुंगेर पॉक्सो कोर्ट का फैसला : नाबालिग के अपहरण के आरोपी उमेश यादव को साक्ष्य के अभाव में मिली रिहाई

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:39 PM (IST)

Munger Tarapur Pocso Case Umesh Yadav Acquitted Lack Of Evidence Court: मुंगेर के विशेष पॉक्सो न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त उमेश यादव को बरी कर दिया है।

Munger Tarapur Pocso Case Umesh Yadav Acquitted Lack Of Evidence Court: AI द्वारा जनरेट तस्वीर|

Munger Tarapur Pocso Case Umesh Yadav Acquitted Lack Of Evidence Court: AI द्वारा जनरेट तस्वीर|

HighLights

  1. मुंगेर पॉक्सो कोर्ट ने उमेश यादव को बरी किया।

  2. पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त को रिहा किया गया।

  3. नाबालिग को भगाने के आरोप में आठ माह में फैसला।

संवाद सूत्र, मुंगेर। Munger Tarapur Pocso Case Umesh Yadav Acquitted Lack Of Evidence Court: मुंगेर जिले में पाक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त उमेश यादव को बाइज्जत बरी कर दिया है। पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश सह अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विमलेंदु कुमार के न्यायालय में तारापुर थाना क्षेत्र से संबंधित इस कांड की सुनवाई हुई।

  • मुंगेर जिले के पाक्सो विशेष न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त उमेश यादव को किया रिहा

  • विशेष न्यायाधीश विमलेंदु कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के बाद सुनाया आठ माह में फैसला

  • वैशाली जिले के हाजीपुर (बालापुर) निवासी उमेश यादव पर तारापुर थाना क्षेत्र से नाबालिग को शादी की नीयत से भगाने का था आरोप

  • अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपों को पुख्ता साक्ष्यों के साथ साबित करने में असफल रहा, जिसके बाद मिली बड़ी राहत

अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों का बारीकी से अवलोकन करने के पश्चात अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश पारित किया।

इस बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने महज करीब आठ माह के भीतर अपना त्वरित निर्णय सुनाया है। अभियुक्त वैशाली जिले के हाजीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बालापुर गांव का रहने वाला है। न्यायालय में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुमार अवधेश नारायण ने मजबूती से बहस में हिस्सा लिया।

15 नवंबर 2025 को नानी घर से गायब हुई थी नाबालिग, दर्ज कराई गई थी FIR

प्राप्त विवरण के अनुसार, कासिम बाजार थाना क्षेत्र की एक महिला शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए अपने लिखित आवेदन में आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री अपनी नानी के घर तारापुर गई हुई थी।

आरोप था कि वहीं से अभियुक्त उमेश यादव 15 नवंबर 2025 को उसकी बेटी को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर चला गया। इस मामले में काफी खोजबीन के बाद 16 जनवरी 2026 को तारापुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर सका आरोप, 8 महीने में कोर्ट ने सुनाया फैसला

मुंगेर न्यायालय में चली लंबी सुनवाई और विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष तारापुर कांड में लगाए गए आरोपों को पुख्ता और पर्याप्त साक्ष्यों के जरिए साबित करने में असफल रहा।

गवाहों के बयानों और प्रस्तुत दस्तावेजों में विरोधाभास के चलते आरोप सिद्ध नहीं हो सके। अभियोजन द्वारा दोष सिद्ध करने योग्य ठोस सबूत प्रस्तुत न किए जा सकने के कारण न्यायालय ने संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए अभियुक्त उमेश यादव को रिहा करने का फैसला सुनाया।