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'पत्नी नहीं, साली के साथ रहूंगा'- की जिद तो मुंगेर POCSO कोर्ट ने सुनाया कठोर फैसला- अब आप जेल में रहिए

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:11 PM (IST)

Munger Minor Sister In Law Abduction POCSO Court Verdict: मुंगेर के पॉक्सो विशेष न्यायालय ने अपनी बीमार बच्ची और पत्नी ...और पढ़ें

Munger Minor Sister In Law Abduction POCSO Court Verdict: दोषी करार दिए गए आरोपी सौरभ कुमार को कोर्ट परिसर से ले जाती पुलिस।

Munger Minor Sister In Law Abduction POCSO Court Verdict: दोषी करार दिए गए आरोपी सौरभ कुमार को कोर्ट परिसर से ले जाती पुलिस।  


HighLights

  1. दामाद सौरभ कुमार नाबालिग साली को भगा ले जाने का दोषी।

  2. मुंगेर पॉक्सो विशेष अदालत ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला।

  3. बीमार बच्ची व पत्नी को छोड़कर साली संग भागा था आरोपी।

संवाद सूत्र, मुंगेर। Munger Minor Sister In Law Abduction POCSO Court Verdict: मुंगेर जिले के टेटिया बंबर थाना क्षेत्र से जुड़े एक रोंगटे खड़े कर देने वाले और सामाजिक व पारिवारिक रिश्तों को तार-तार करने वाले बहुचर्चित मामले में पॉक्सो (POCSO) विशेष अदालत ने ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है।

अदालत ने अपनी 8 महीने की बीमार मासूम बच्ची और पत्नी को ससुराल में लावारिस छोड़कर नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने व अपने पास रखने के आरोपी दामाद सौरभ कुमार को दोषी करार दिया है।

पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश सह अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विमलेंदु कुमार के न्यायालय में इस पॉक्सो कांड की अंतिम सुनवाई संपन्न हुई। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध अकाट्य साक्ष्यों, पीड़ित पक्ष व गवाहों के बयानों तथा अभियोजन एवं बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को गहराई से सुनने के बाद झारखंड राज्य के गोड्डा निवासी अभियुक्त सौरभ कुमार को सर्वसम्मत रूप से दोषी पाया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पॉक्सो अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक (विशेष पीपी) प्रीतम कुमार वैश्य ने सरकार का पक्ष रखते हुए कड़ी सजा की मांग की। अदालत द्वारा अभियुक्त को सजा की अवधि सुनाने के लिए अगली तिथि तय की गई है।

  • मुंगेर के पॉक्सो (POCSO) विशेष न्यायालय ने नाबालिग साली का अपहरण कर साथ रखने के मामले में आरोपी दामाद सौरभ कुमार को दोषी करार दिया

  • विशेष न्यायाधीश विमलेंदु कुमार की अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों और तर्कों के आधार पर सुनाया फैसला

  • झारखंड के गोड्डा निवासी आरोपी सौरभ कुमार अपनी 8 माह की बीमार बच्ची व पत्नी को ससुराल छोड़ नाबालिग साली को भगा ले गया था

  • 'पत्नी को छोड़ साली संग रहने' की अड़ियल जिद पर अड़े आरोपी के खिलाफ टेटिया बंबर थाने में दर्ज कराई गई थी नामजद प्राथमिकी

बीमार बच्ची के इलाज के दौरान वारदात

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, झारखंड के गोड्डा निवासी सौरभ कुमार साह की शादी 21 जुलाई 2024 को टेटिया बंबर थाना क्षेत्र निवासी एक महिला की बड़ी पुत्री के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। विवाह के बाद दोनों की एक आठ माह की बेटी हुई। बीते 30 सितंबर 2024 को सौरभ अपनी पत्नी और बीमार दूधमुंही बच्ची के साथ अपने ससुराल आया हुआ था।

साली को लेकर गोड्डा फरार हुआ दामाद

बच्ची की तबीयत गंभीर होने के कारण उसकी मां (सौरभ की पत्नी) और नानी उसे इलाज के लिए स्थानीय डॉक्टर के पास ले गईं। इसी दौरान मौका पाकर सौरभ अपनी नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर चुपके से अपने साथ भगाकर गोड्डा ले गया।

सास ने दर्ज कराई थी प्राथम‍िकी

घटना के बाद जब परेशान परिजनों ने संपर्क साधा, तो आरोपी सौरभ ने अपनी सास को बेधड़क कह दिया कि वह अब अपनी पत्नी के साथ नहीं रहेगा और अपनी नाबालिग साली के साथ ही जीवन बिताएगा। परिजनों और स्थानीय समाज के लोगों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बावजूद आरोपी अपनी जिद पर अड़ा रहा और नाबालिग को सौंपने से साफ इनकार कर दिया।

इसके बाद पीड़िता की मां ने अपनी छोटी बेटी के अपहरण और सुरक्षा को खतरा बताते हुए टेटिया बंबर थाने में दामाद सौरभ कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग को बरामद किया था, जिस पर अब अदालत ने दोष सिद्ध कर दिया है।