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मुंगेर में 102 सेवा 'बेहाल': 2 घंटे तक लगाते रहे फोन, जवाब मिला- लाइन पर बने रहें

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:01 AM (IST)Updated: Sat, 24 Oct 2026 08:32 AM (IST)

मुंगेर में गंभीर मरीज के परिजनों को 102 एंबुलेंस के लिए दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे बिहार सरकार ...और पढ़ें

गंभीर रूप से बीमार अशोक सिंह, जागरण

गंभीर रूप से बीमार अशोक सिंह, जागरण

HighLights

  1. गंभीर मरीज के लिए 102 एंबुलेंस दो घंटे नहीं आई।

  2. परिजनों को 'लाइन पर बने रहें' का रटा-रटाया जवाब मिला।

  3. अस्पताल स्टाफ की मानवीय पहल से 25 मिनट में एंबुलेंस मिली।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। गंभीर से गंभीर मरीजों को 20 मिनट के भीतर आपातकालीन एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का बिहार सरकार का दावा मुंगेर सदर अस्पताल में दम तोड़ता नजर आया।

सांस और हृदय रोग से गंभीर रूप से पीड़ित एक वृद्ध मरीज को चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए भागलपुर (हायर सेंटर) रेफर किया, लेकिन स्वजन दो घंटे तक 102 नंबर पर लगातार फोन लगाते रहे। हर बार दूसरी ओर से एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता रहा- कृपया लाइन पर बने रहें, जल्द एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी।

मरीज की गिरती सेहत के बीच आश्वासन तो मिलता रहा, लेकिन 102 एंबुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार सदर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और कर्मियों की मानवीय पहल के बाद गाड़ी उपलब्ध हो सकी। इस घटना ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

रेफर मरीज के लिए तड़पते रहे परिजन, 2 घंटे तक नहीं आई गाड़ी

नौवागढ़ी निवासी अशोक सिंह सांस और हृदय रोग से गंभीर रूप से पीड़ित हैं। उनके पुत्र पिंटू कुमार ने गुरुवार को उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार को चिकित्सक ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया।

इसके बाद स्वजन उन्हें भागलपुर ले जाने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था में जुट गए। पिंटू कुमार के अनुसार, उन्होंने टोल फ्री नंबर 102 पर लगातार दो घंटे तक कई बार फोन किया।

हर बार जल्द गाड़ी उपलब्ध कराने की बात कही गई, लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ। सवाल यह उठता है कि जब सदर अस्पताल में मौजूद रेफर मरीज को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती, तो दूर-दराज के इलाकों में आपात स्थिति में आम लोगों को किसके भरोसे छोड़ा जा रहा है।

अस्पताल स्टाफ की पहल से 25 मिनट में मिली मदद

लगातार इंतजार और मरीज की बिगड़ती हालत को देखकर परिजनों ने सदर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ से मदद की गुहार लगाई। अस्पताल कर्मियों ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए एंबुलेंस संचालक मो. नैयर से संपर्क किया।

उनके प्रयास से करीब 25 मिनट के भीतर एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा सकी, जिसके बाद अशोक सिंह को बेहतर इलाज के लिए तुरंत भागलपुर ले जाया गया।

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"सरकारी व्यवस्था के तहत 20 मिनट के भीतर मरीज को एंबुलेंस उपलब्ध कराने का स्पष्ट प्रावधान है। ऐसे में यदि दो घंटे तक लगातार फोन करने के बावजूद मरीज को गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो यह बेहद गंभीर मामला है। इस संबंध में एंबुलेंस सेवा की एजेंसी और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछा जाएगा।"

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- डॉ. राजू, सिविल सर्जन (CS), मुंगेर