फरक्का जल संधि से बिहार के किसानों को भारी नुकसान, जदयू जनसंवाद में उठाएगी गंगा के पानी का मुद्दा
जदयू आज मुंगेर में 'नीतीश जन संवाद' कार्यक्रम आयोजित कर फरक्का जल संधि से बिहार को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाएगी।

जदयू जिलाध्यक्ष सौरव निधि ने दी जानकारी। (जागरण)
HighLights
जदयू आज मुंगेर में 'नीतीश जन संवाद' आयोजित करेगा।
फरक्का जल संधि से बिहार को नुकसान का मुद्दा उठेगा।
गंगा जल बंटवारे और बाढ़-सिंचाई समस्याओं पर चर्चा।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। फरक्का जल संधि से बिहार को हो रहे नुकसान का मुद्दा अब सियासी मंच पर गूंजेगा।
सोमवार को जदयू की ओर से टाउन हाल में नीतीश जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन होना है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा मुख्य रूप से शामिल होंगे।
संवाद कार्यक्रम में गंगा नदी के जल बंटवारे और बिहार पर इसके प्रभाव को लेकर पार्टी अपना पक्ष रखेगी। जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि ने बताया कि करीब 30 वर्ष पहले फरक्का बराज बनने और अंतरराष्ट्रीय जल संधि के बाद गंगा के पानी का बंटवारा हुआ।
पार्टी का आरोप है कि इस व्यवस्था का खामियाजा बिहार को भुगतना पड़ रहा है। शुष्क मौसम में बांग्लादेश के लिए बराज के द्वार खोल दिए जाने से बिहार को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
वहीं, खरीफ के मौसम में बारिश और सहायक नदियों से गंगा में पानी बढ़ने पर बिहार बाढ़ की मार झेलता है। जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल ने बताया कि बाढ़ के समय फरक्का बराज बंद रखे जाने से बिहार में तबाही की स्थिति बनती है।
इसी मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने के लिए पार्टी ने सभी जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुंगेर में होने वाले कार्यक्रम में जल संधि के कारण बिहार के किसानों और आम लोगों को होने वाले नुकसान को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।