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रेलवे की गुणवत्ता का मंत्र, जमालपुर इरिमी में 80 जूनियर इंजीनियरों को DG अनिमेष सिन्हा ने दिया सफलता का फॉर्मूला

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:19 AM (IST)

जमालपुर के इरिमी संस्थान में 80 जूनियर इंजीनियरों का चार सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महानिदेशक अनिमेष सिन्हा व अन्य अधिकारियों के साथ जूनियर इंजीनियर।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महानिदेशक अनिमेष सिन्हा व अन्य अधिकारियों के साथ जूनियर इंजीनियर।

HighLights

  1. जमालपुर इरिमी में 80 जूनियर इंजीनियरों का प्रशिक्षण संपन्न।

  2. रेलवे की तकनीकी कार्यक्षमता और परिचालन सुरक्षा में सुधार लक्ष्य।

  3. महानिदेशक अनिमेष सिन्हा ने व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। भारतीय रेलवे की तकनीकी कार्यक्षमता, परिचालन सुरक्षा और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में मुंगेर जिले के जमालपुर स्थित भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (IRIMEE) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

संस्थान में देश भर के विभिन्न मंडलों से आए 80 जूनियर इंजीनियरों (JE) का चार सप्ताह तक चला विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रेलवे के सामने आने वाली दैनिक तकनीकी चुनौतियों का त्वरित और सटीक समाधान खोजना तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करना रहा।

अभियंत्रण और कार्य निष्पादन की बारीकियों पर दिया गया जोर

चार सप्ताह तक चले इस सघन प्रशिक्षण सत्र के दौरान कनिष्ठ अभियंताओं को रेलवे की आधुनिक तकनीकी कार्यप्रणाली, मैकेनिकल व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के एडवांस पहलुओं और कार्य निष्पादन की बारीकियों से विस्तार से अवगत कराया गया। इरिमी के अनुभवी संकाय सदस्यों ने व्यावहारिक व्याख्यानों और लैब सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षुओं का तकनीकी ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ उनमें निर्णय लेने की दक्षता विकसित की, ताकि वे फील्ड में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निपुणता से कर सकें।

ज्ञान को कार्यस्थल पर व्यावहारिक रूप से लागू करें: महानिदेशक

समापन समारोह को संबोधित करते हुए इरिमी के महानिदेशक अनिमेष सिन्हा ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को बधाई दी और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक रूप से कार्यस्थल पर उतारने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा तकनीकी दक्षता और प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब कनिष्ठ अभियंता इसका उपयोग फील्ड में सुरक्षा, गुणवत्ता सुधार और अपनी जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन में करेंगे। इससे न केवल रेलवे की कार्य संस्कृति और पारदर्शिता मजबूत होगी, बल्कि ट्रेनों के परिचालन में भी विश्वसनीयता बढ़ेगी।

इस अवसर पर संस्थान के संकायाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य प्रेम प्रकाश, आचार्य अरविंद कुमार सहित इरिमी के कई प्रमुख अधिकारी, प्राध्यापक और प्रशिक्षु जूनियर इंजीनियर उपस्थित थे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण 

विवरण संस्थान व प्रशिक्षण संबंधी जानकारी
आयोजक संस्थान भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी), जमालपुर
प्रशिक्षण की अवधि चार सप्ताह (विशेष तकनीकी एवं इंजीनियरिंग कोर्स)
लाभान्वित प्रतिभागी 80 जूनियर इंजीनियर (कनिष्ठ अभियंता)
मुख्य वक्ता / संबोधन अनिमेष सिन्हा (महानिदेशक, इरिमी)
मुख्य उद्देश्य रेलवे में तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और कार्य निष्पादन क्षमता बढ़ाना

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"इरिमी का सदैव प्रयास रहता है कि भारतीय रेल के अभियंताओं को अत्याधुनिक तकनीकों और बेहतर कार्य निष्पादन विधियों से लैस किया जाए। यह प्रशिक्षण भारतीय रेल की सुरक्षा और दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।"

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— प्रेम प्रकाश, संकायाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य (IRIMEE जमालपुर)