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भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र बनाएंगे देश की हाईस्पीड ट्रेन! इरिमी के साथ 5 साल का करार

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:59 AM (IST)

BCE IRIMEE Jamalpur MoU: इरिमी जमालपुर और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड ट्रेनों के ...और पढ़ें

BCE IRIMEE Jamalpur MoU: भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र बनाएंगे हाईस्पीड ट्रेन का खाका, इरिमी के साथ 5 साल का बड़ा करार

BCE IRIMEE Jamalpur MoU: भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र बनाएंगे हाईस्पीड ट्रेन का खाका, इरिमी के साथ 5 साल का बड़ा करार

HighLights

  1. इरिमी जमालपुर और बीसीई ने 5 साल का ऐतिहासिक समझौता किया।

  2. छात्रों को हाई-स्पीड ट्रेनों के निर्माण का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

  3. रेल सुरक्षा, सिग्नलिंग और गति उन्नयन पर संयुक्त कार्य होगा।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। BCE IRIMEE Jamalpur MoU: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और भविष्य की हाईस्पीड ट्रेनों के संचालन को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल हुई है। एशिया के सबसे प्रतिष्ठित रेल प्रशिक्षण केंद्रों में शुमार 'भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान' (इरिमी), जमालपुर और 'भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग' (बीसीई) ने हाथ मिलाया है।

दोनों शीर्ष तकनीकी संस्थानों के मध्य पांच वर्षों का विशेष शैक्षणिक एवं शोध समझौता (एमओयू) हुआ है। इस दूरगामी करार के तहत बीसीई के होनहार तकनीकी छात्र और इरिमी मिलकर अत्याधुनिक रोलिंग स्टॉक, हाईस्पीड रेल तकनीक और भविष्य की पटरियों पर दौड़ने वाली ट्रेनों के तकनीकी ढांचे पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

इस समझौते का सीधा लाभ भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के प्रोबेशनर अधिकारियों के साथ-साथ भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के भावी इंजीनियरों को मिलेगा। अब तक किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित रहने वाली इंजीनियरिंग की थ्योरी को सीधे रेलवे की जमीनी हकीकत और हाईटेक प्रयोगशालाओं से जोड़ा जाएगा।

IRIMEE Jamalpur BCE MoU Boost for Indian High Speed Rail

छात्रों और रेल तकनीक को मिलने वाले प्रमुख लाभ

  • सेमी-हाईस्पीड व हाईस्पीड ट्रेनों के निर्माण व रखरखाव का प्रत्यक्ष तकनीकी अनुभव

  • बीसीई की उन्नत लैब और इरिमी की रेलवे वर्कशॉप के बीच ज्ञान का सीधा आदान-प्रदान

  • आधुनिक रोलिंग स्टॉक और लोकोमोटिव इंजीनियरिंग में हैंड्स-ऑन रिसर्च का मौका

  • रेलवे की वास्तविक यांत्रिक व विद्युत चुनौतियों के समाधान में छात्रों की सीधी भागीदारी

  • रेल सुरक्षा, सिग्नलिंग और स्पीड अपग्रेडेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर संयुक्त कार्य

प्रायोगिक ज्ञान से मजबूत होगा ट्रेनों का तकनीकी ढांचा

तेजी से बदलते आधुनिक रेल युग में सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान के बल पर अत्याधुनिक ट्रेनों की चुनौतियों से नहीं निपटा जा सकता। बीसीई के छात्र और फैकल्टी अब इरिमी में मौजूद उन्नत रोलिंग स्टॉक, लोकोमोटिव डिजाइनिंग और अत्याधुनिक यांत्रिक-विद्युत उपकरणों पर लाइव हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग लेंगे। वहीं, दूसरी ओर रेलवे के नवनियुक्त शीर्ष अधिकारी भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की अत्याधुनिक लैब और वहां के अनुभवी प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में मैकेनिकल व इलेक्ट्रिकल सिस्टम के जटिल पहलुओं को सुलझाना सीखेंगे। इससे तकनीकी समस्याओं के त्वरित निदान और ट्रेनों की सुरक्षा व गति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

  • एशिया के प्रतिष्ठित रेल संस्थान इरिमी (जमालपुर) और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE) के बीच 5 वर्षों का ऐतिहासिक करार

  • किताबी ज्ञान से आगे निकलकर हाईटेक लैब्स और वर्कशॉप में देश की हाईस्पीड ट्रेनों के आधुनिक रोलिंग स्टॉक पर काम करेंगे छात्र

  • भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (IRMS) के प्रोबेशनरी अफसरों को बीसीई के एक्सपर्ट प्रोफेसर देंगे एडवांस्ड इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग

  • महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा की मौजूदगी में हुआ समझौता; रेल सुरक्षा, सिग्नलिंग और स्पीड अपग्रेडेशन पर होगा संयुक्त शोध

मल्टी-डिसिप्लिनरी दृष्टिकोण से तैयार होगी रेल की नई पीढ़ी

इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेलवे में तकनीक का तीव्र रूपांतरण हो रहा है। ऐसे में युवा इंजीनियरों और आईआरएमएस अधिकारियों को व्यावहारिक व बहुविषयक (मल्टी-डिसिप्लिनरी) ज्ञान से लैस करना अनिवार्य है। बीसीई और इरिमी का यह तालमेल अकादमिक शोध को सीधे पटरियों पर उतारने का मजबूत माध्यम बनेगा।

संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रेम प्रकाश ने स्पष्ट किया कि जब इंजीनियरिंग के छात्र वास्तविक रेल वर्कशॉप और एडवांस्ड लैब में प्रयोग करते हैं, तो उनकी नवाचार क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। एमओयू हस्ताक्षर के दौरान इरिमी के वरिष्ठ आचार्य राजीव कुमार, डीजी के सचिव प्रेमनजीत कुमार, आचार्य शिशिरचंद्र शेखर और कुमार ज्योतिरादित्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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