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बिहार: किताबों से निकलकर लैब तक पहुंचेगी पढ़ाई, IRIMEE-BCE के MoU से इंजीनियरिंग छात्रों को होगा फायदा

Published: Fri, 11 Sep 2026 05:49 PM (IST)

भारतीय रेल के भावी तकनीकी नेतृत्व को तैयार करने के लिए जमालपुर के इरिमी और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के ...और पढ़ें

एकरारनामा पत्र दिखाते इरिमी के पदाधिकारी। (सौ. इरिमी)

एकरारनामा पत्र दिखाते इरिमी के पदाधिकारी। (सौ. इरिमी)

HighLights

  1. इरिमी-बीसीई में पांच वर्षीय शैक्षणिक-तकनीकी सहयोग करार।

  2. आईआरएमएस अधिकारियों को आधुनिक इंजीनियरिंग प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. प्रशिक्षण में लैब और व्यावहारिक अभ्यास पर जोर दिया जाएगा।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। भारतीय रेल के भावी तकनीकी नेतृत्व को तैयार करने के लिए जमालपुर स्थित भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान (इरिमी) और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (बीसीई) के बीच पांच वर्षों का शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग हुआ है।

इस समझौते का सबसे अहम लाभ भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को मिलेगा। प्रशिक्षण में उन्हें आधुनिक यांत्रिक और विद्युत अभियंत्रण की तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा।

खास बात यह होगी कि प्रशिक्षण केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लैब में प्रयोग और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा।

समझौते के तहत प्रशिक्षणार्थियों को मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से जुड़े विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। बीसीई के विशेषज्ञ संकाय और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का उपयोग प्रशिक्षण में किया जाएगा। इससे अधिकारियों को तकनीक को समझने के साथ उसके व्यवहारिक इस्तेमाल की भी जानकारी मिलेगी।

किताब से निकल लैब में होगा तकनीक का अभ्यास

रेलवे में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में नए अधिकारियों के प्रशिक्षण में सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी पर्याप्त नहीं होगी। एमओयू के तहत प्रशिक्षणार्थियों को प्रयोगशाला में विभिन्न तकनीकों को समझने और उनके व्यावहारिक पक्ष का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।

इससे वे रेलवे में तकनीकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझकर समाधान निकाल सकेंगे। दूसरी ओर बीसीई के विद्यार्थियों और संकाय को भी इरिमी की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।

इरिमी में रेलवे के यांत्रिक एवं विद्युत क्षेत्र से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण और रोलिंग स्टाक से संबंधित सुविधाएं हैं। इन संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को रेलवे की वास्तविक तकनीक और कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

बहुविषयक समझ पर रहेगा जोर

इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल में तकनीकी परिवर्तन की गति लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आइआरएमएस अधिकारियों के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और बहुविषयक समझ विकसित करना जरूरी है।

इरिमी और बीसीई का सहयोग शैक्षणिक विशेषज्ञता को व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संकायाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य प्रेम प्रकाश ने कहा कि तकनीकी शिक्षा को प्रयोगशाला आधारित अध्ययन से जोड़ने से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होती है।

बीसीई के विशेषज्ञ संकाय और प्रयोगशाला सुविधाओं से प्रशिक्षणार्थियों को यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।

एमओयू पर इरिमी के महानिदेशक, संकायाध्यक्ष, वरिष्ठ आचार्य राजीव कुमार, सेक्रेटरी टू डीजी प्रेमनजीत कुमार, आचार्य शिशिरचंद्र शेखर एवं आचार्य कुमार ज्योतिरादित्य की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

विद्यार्थियों को यह मिलेगा फायदा

  • रेलवे तकनीक की सीधी जानकारी
  • अत्याधुनिक लैब में व्यावहारिक प्रशिक्षण
  • यांत्रिक-विद्युत अभियंत्रण की आधुनिक तकनीक से परिचय
  • इरिमी के रेलवे उपकरणों को करीब से समझने का अवसर
  • विशेषज्ञ संकाय से तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान

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