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बक्सर से भागलपुर तक बंधेगी गंगा, बांग्लादेश से होगी बात; बिहार सीएम ने मुंगेर में बताया विकास का रोडमैप

Published: Thu, 10 Sep 2026 05:10 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर के गंगटा में बिहार को अगले पांच वर्षों में बदलने और बाढ़ नियंत्रण के लिए मास्टर प्लान बनाने का संकल्प लिया।

बिहार सीएम सम्राट चौधरी। (वीडियो ग्रैब)

बिहार सीएम सम्राट चौधरी। (वीडियो ग्रैब)

HighLights

  1. बिहार को अगले पांच वर्षों में बदलने का संकल्प।

  2. गंगा नियंत्रण और बाढ़ से स्थायी राहत का मास्टर प्लान।

  3. 1.5 करोड़ पेंशनधारियों को डीबीटी से पेंशन राशि मिली।

जागरण संवाददाता, मुंगेर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को हवेली खड़गपुर के गंगटा में आयोजित कार्यक्रम से विकास और बाढ़ नियंत्रण का बड़ा खाका पेश किया।

उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार को बदलने का संकल्प लिया गया है। गंडक, कोसी और गंगा के पानी को नियंत्रित करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा।

तत्काल बक्सर से भागलपुर तक गंगा को बांधने की कार्रवाई शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा को नियंत्रित किए बिना बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत नहीं मिल सकती।

सरकार का जोर नदियों की क्षमता बढ़ाने और पानी के बेहतर प्रबंधन पर होगा। मुख्यमंत्री ने गंगा जल के उपयोग को लेकर बांग्लादेश के साथ जल समझौते में बदलाव की आवश्यकता जताई।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत बिहार को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में ही गंगा के पानी के उपयोग की अनुमति है। बिहार जैसे राज्य के लिए पीने और सिंचाई की जरूरत सालभर रहती है। इसलिए 12 महीने गंगा के पानी का उपयोग सुनिश्चित करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपनी भावना से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री को अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री के इस बयान से बिहार में बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन को लेकर सरकार की आगामी रणनीति का संकेत मिला।

1.5 करोड़ पेंशनधारियों को पेंशन की राशि की अंतरित

बिहार पेंशन दिवस पर मुख्यमंत्री ने राज्य के करीब 1.5 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में अगस्त 2026 की पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की।

1100 रुपये प्रति लाभुक की दर से 1233.87 करोड़ रुपये भेजे गए। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन की राशि लाभुकों के खाते में पहुंच जाएगी।

नदियों में जमा गाद को बाढ़ की बड़ी वजह बताते हुए उन्होंने नदियों की सफाई और गाद हटाने पर भी जोर दिया।

सड़कों का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने गंगटा-कोहवरवा पथ के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण, तारापुर अनुमंडल में निरीक्षण भवन तथा लखनपुर पानी टंकी से सरौन-मकवा होते हुए भोमासी पुल तक सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण कार्य का शिलान्यास किया।

उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने नौ माह में गंगटा-कोहवरवा पथ के कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया।

इसी माह शुरू होंगे दो न्यायालय

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तारापुर और हवेली खड़गपुर में इसी माह न्यायालय का संचालन शुरू होगा। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिविर लगाकर आवेदनों का तत्काल निष्पादन भी कराया जाएगा।

स्कूलों में सुविधा, शिक्षकों को नजदीक तैनाती

‘संकल्प कायाकल्प’ के तहत विद्यालयों की आधारभूत व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। स्कूलों में बेंच-डेस्क, शौचालय और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध कराए जाएंगे।

शिक्षकों को उनके बगल के पंचायत में पदस्थापन की दिशा में पहल होगी। माडल स्कूल सह सरस्वती विद्या निकेतन में आधुनिक शिक्षा के साथ जेईई, नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।

2027 तक 25 लाख घरों को सौर्य उर्जा से किया जाएगा जगमग

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 10 लाख लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ने तथा 2027 तक 25 लाख लोगों को सौर ऊर्जा की सुविधा देने का लक्ष्य है। कृषि फीडर से किसानों को सुबह छह से शाम छह बजे तक बिजली मिलेगी।

पंचायतों में सामुदायिक भवन और कन्या विवाह मंडप बनाए जाएंगे तथा गांव-गांव अभियान चलाकर विकास की 10-10 योजनाओं को स्वीकृति दिलाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। आने वाले पांच वर्षों में सड़क, शिक्षा, बिजली, सिंचाई, न्याय और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में व्यापक बदलाव के साथ बिहार को नई दिशा दी जाएगी।

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