बंद स्कूल में फिर गूंजने लगी पढ़ाई की आवाज, मुंगेर की अनीता ने बच्चों के भविष्य को दी नई उड़ान
जमालपुर में रेलवे महिला कल्याण संगठन ने बंद पड़े पुराने स्कूल को 'डिवाइन रोज स्कूल' के रूप में फिर से शुरू किया है।

जमालपुर में संचालित 'डिवाइन रोज स्कूल' में स्मार्ट क्लास और खेलकूद के जरिए शिक्षा ग्रहण करते बच्चे।
HighLights
जमालपुर में 'डिवाइन रोज स्कूल' की फिर से शुरुआत।
अनीता वर्णवाल ने बच्चों को दी आधुनिक शिक्षा।
कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। शिक्षा के आंगन में जब अवसरों की रोशनी पहुंचती है, तो बच्चों के दबे-छिपे सपनों को भी एक नई उड़ान मिलने लगती है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बनें और नन्हे कदम आधुनिक तकनीक से जुड़कर भविष्य की राह तलाश सकें, जमालपुर में रेलवे महिला कल्याण संगठन ने एक बेहद सराहनीय पहल की है।
कोरोना काल में बंद पड़े रेलवे के पुराने स्कूल को नया जीवन प्रदान करते हुए वर्ष 2024 में 'डिवाइन रोज स्कूल' के रूप में इसकी फिर से शुरुआत की गई है।
रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा अनीता वर्णवाल की देखरेख में यहां खेलकूद, गीत-संगीत और स्मार्ट क्लास के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास और सीखने की गहरी ललक जाग रही है।
बेहतर संकल्प के साथ शुरू हुआ नया अध्याय
कभी वेलफेयर के माध्यम से संचालित होने वाले इस पुराने स्कूल में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक संसाधनों की कमी के कारण धीरे-धीरे बच्चों की उपस्थिति घटने लगी थी, जिसके चलते अंततः स्कूल बंद हो गया था।
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अनीता वर्णवाल ने जमालपुर आने के बाद पुराने स्कूल की बदहाल स्थिति और वहां के बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को करीब से समझा और इस स्थिति को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया।
उनके अथक प्रयासों से स्कूल को नए और आधुनिक स्वरूप में शुरू किया गया। उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऐसा खुशनुमा वातावरण देना था, जहां पढ़ाई कोई बोझ न लगे, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का एक आनंददायक अनुभव बने।
किताबों के साथ खेल और स्मार्ट क्लास का अनूठा संगम
डिवाइन रोज स्कूल में बच्चों को केवल पारंपरिक किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि उन्हें गीत-संगीत, खेलकूद और स्मार्ट क्लास के माध्यम से आधुनिक तरीके से पढ़ाया जा रहा है।
इस शिक्षण शैली का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सवाल पूछने, नई चीजों को गहराई से समझने और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आदत विकसित करना है। शुरुआती उम्र में मिलने वाला यह सकारात्मक माहौल बच्चों के लिए आगे की उच्च शिक्षा की एक मजबूत नींव तैयार करता है।
कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना हो रहा साकार
आज के समय में आधुनिक शिक्षा काफी महंगी हो गई है, जिसके कारण कई जरूरतमंद परिवार अपने बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं नहीं दिला पाते हैं। डिवाइन रोज स्कूल के माध्यम से बेहद कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया गया है, ताकि किसी भी परिवार की आर्थिक स्थिति बच्चों के सपनों की राह में रुकावट न बने।
इस नेक पहल को धरातल पर उतारने में मुख्य कारखाना प्रबंधक (CWM) और उनकी टीम के साथ-साथ रेलवे महिला कल्याण संगठन के सभी सदस्यों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है, और स्कूल को और अधिक उन्नत बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
