बिहार में मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूरोप-अमेरिका के संस्थानों से MOU, 150 एकड़ में खुलेगी भागवत धर्म यूनिवर्सिटी
जमालपुर में आनंद मार्ग प्रचारक संघ द्वारा 150 एकड़ में भागवत धर्म विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना है, जिसका लक्ष्य ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
जमालपुर में 150 एकड़ में भागवत धर्म विश्वविद्यालय प्रस्तावित।
मार्च 2027 से चिकित्सा विज्ञान के पांच पाठ्यक्रम शुरू होंगे।
अमेरिकी, यूरोपीय, अफ्रीकी विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक साझेदारी होगी।
केएम राज, जमालपुर (मुंगेर)। रेलवे की ऐतिहासिक विरासत और औद्योगिक पहचान के लिए प्रसिद्ध जमालपुर अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की तैयारी में है।
आनंद मार्ग प्रचारक संघ की पहल पर यहां भागवत धर्म विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना है। लगभग 150 एकड़ के ग्रीन हाउस परिसर में प्रस्तावित विश्वविद्यालय का शुभारंभ मार्च 2027 से करने का लक्ष्य रखा गया है।
चिकित्सा विज्ञान से जुड़े पांच पाठ्यक्रमों की पढ़ाई और अमेरिका, यूरोप व अफ्रीका के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारी रहेगी।
पहल साकार हुई तो मुंगेर सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल सकते हैं। आनंद मार्ग प्रचारक संघ के शिक्षा सचिव आचार्य मधुव्रतानंद अवधूत ने बताया कि विश्वविद्यालय में चिकित्सा से संबंधित पांच पाठ्यक्रम संचालित करने की तैयारी है।
इनमें चिकित्सा भौतिकी प्रमुख अध्ययन क्षेत्र होगा। इसके अंतर्गत चिकित्सा इमेजिंग, विकिरण आन्कोलाजी, गैर-आयनीकारी चिकित्सा विकिरण, नाभिकीय चिकित्सा और चिकित्सा स्वास्थ्य भौतिकी जैसे विषय शामिल हैं। चिकित्सा भौतिकी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसमें चिकित्सा जांच की इमेजिंग तकनीकों, कैंसर उपचार में विकिरण के इस्तेमाल और विकिरण सुरक्षा से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों का अध्ययन किया जाता है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञ अस्पतालों और चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों में योगदान देते हैं।
हालांकि, प्रस्तावित पाठ्यक्रमों के आधिकारिक नाम, अवधि, सीटों की संख्या और प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा अभी सामने आना बाकी है।
विदेशों के विवि से होगा समझौता
प्रस्तावित विश्वविद्यालय की एक अहम विशेषता अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी है। अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के विश्वविद्यालयों से जुड़ाव के माध्यम से भविष्य में शोध, विशेषज्ञ व्याख्यान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और संयुक्त अध्ययन की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
हालांकि, किन संस्थानों के साथ समझौते होंगे, इसकी औपचारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। जमालपुर और मुंगेर के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अक्सर दूसरे शहरों का रूख करना पड़ता है।
ऐसे में विश्वविद्यालय की स्थापना से स्थानीय स्तर पर पढ़ाई के नए विकल्प खुल सकते हैं। शिक्षकों और अन्य कर्मियों के लिए रोजगार के अवसर बनने के साथ आसपास के क्षेत्रों में आवास, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
मान्यता और संसाधन होंगे निर्णायक
विश्वविद्यालय की परिकल्पना में शिक्षा के साथ सामुदायिक कल्याण और सामाजिक विकास को भी महत्व दिया गया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को जनहित से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित करने की योजना है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के तहत संचालन और मान्यता, राज्य सरकार और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्राचार किया गया है।
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