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4010 रुपये का आवंटन, जमीन पर शुरू भी नहीं हुआ काम; बिहटा-औरंगाबाद रेल प्रोजक्ट पर उठे सवाल

Published: Sat, 24 Oct 2026 02:29 PM (IST)

केंद्र सरकार से पर्याप्त राशि आवंटित होने के बावजूद बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज नहीं हुई है।

बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना संघर्ष समिति के सदस्य। फोटो जागरण

बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना संघर्ष समिति के सदस्य। फोटो जागरण

HighLights

  1. केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए।

  2. भूमि अधिग्रहण में देरी से संघर्ष समिति ने जताई गहरी नाराजगी।

  3. समिति ने जिला प्रशासन से शीघ्र अधिग्रहण शुरू करने की मांग की।

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त राशि आवंटित होने के बावजूद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज नहीं हुई है। इस पर बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना संघर्ष समिति ने नाराजगी जताई है।

समिति ने जिला प्रशासन और भू-अर्जन पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जल्द भूमि अधिग्रहण शुरू कराने की मांग की। समिति के सदस्यों ने कहा कि परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आम जनता 19 वर्षों से संघर्ष कर रही है।

धरना-प्रदर्शन, सत्याग्रह और रेल रोको आंदोलन के जरिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया। आंदोलन के दौरान बिहटा में दो बार रेल परिचालन बाधित किया गया।

समिति के अनुसार, जन आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 के आम बजट में परियोजना के लिए 404 करोड़ रुपये और वर्ष 2025 के बजट में 3,606 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की।

पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) ने 24 फरवरी 2026 को केंद्रीय संयोजक अजय कुमार को पत्र भेजा था।

समिति के मुताबिक, पत्र में बताया गया कि परियोजना के पहले चरण में औरंगाबाद टर्मिनल से अनुग्रह नारायण रोड तक 12.906 किलोमीटर रेलखंड के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी काम प्रगति पर है।

हालांकि, समिति का आरोप है कि जमीन पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है और मामला विज्ञापन तथा फाइलों तक सीमित है।

संघर्ष समिति के औरंगाबाद संयोजक आरपी सिंह, जिला संयोजक विजय पासवान, अरवल जिला सहसंयोजक मुलायम सिंह यादव, शैलेश कुमार और जीतू कुमार ने कहा कि बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन क्षेत्र की बड़ी आबादी की महत्वाकांक्षी परियोजना है।

इसके लिए बिहार से दिल्ली तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। राशि मिलने के बाद भी भूमि अधिग्रहण में देरी को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के नाम मांग पत्र सौंपा। उन्होंने जिला प्रशासन से भूमि अधिग्रहण शीघ्र शुरू कराने और परियोजना निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की।

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