बिहार MLC चुनाव में वोट नहीं डाल सके प्राइमरी टीचर, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में बदलाव की मांग
बेगूसराय में लगभग 25 हजार प्रारंभिक शिक्षक विधान परिषद चुनाव में मतदान नहीं कर सके, जिससे वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
25 हजार प्रारंभिक शिक्षक MLC चुनाव में वोट नहीं डाल सके।
शिक्षक मताधिकार से वंचित रहने पर लोकतांत्रिक भागीदारी पर सवाल।
संविधान के अनुच्छेद 171(3)(सी) में संशोधन की मांग।
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। शुक्रवार को चार विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव में बेगूसराय के सरकारी एवं मान्यता प्राप्त निजी प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 25 हजार शिक्षक अपने प्रतिनिधि के चुनाव के लिए वोट नहीं डाल सके।
वोट के अधिकार से वंचित इन शिक्षकों में सवाल है कि देश के भावी नागरिकों में लोकतंत्र की नींव रखने वाले शिक्षक अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी से कब तक वंचित रहेंगे।
प्रारंभिक शिक्षक साझा मंच के सदस्य रंजन कुमार, विनय कुमार, अनुपमा सिंह, धनंजय कुमार, जयप्रकाश ज्योति, भवेश कुमार, नवीन प्रसाद सिंह, वासीउल हक अंसारी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों को मताधिकार देने का प्रश्न 70 वर्षों से संसदीय विमर्श में है।
संसदीय समिति और केंद्रीय निर्वाचन आयोग की सिफारिशों के बावजूद मताधिकार न देना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पर सवाल है।
रंजन कुमार एवं अनुपमा सिंह ने कहा कि बच्चों को समानता और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षकों को अपने प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से बाहर रखना अन्यायपूर्ण है।
समन्वय समिति ने संविधान के अनुच्छेद 171 (3) (सी) तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 27 में संशोधन की मांग की।
साथ ही बिहार सहित विधान परिषद वाले राज्यों के संगठनों से साझा अभियान तेज करने का आह्वान किया और कहा कि जल्द निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
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